डंपर की जगह टिपर की खरीद में हुई लूट
धनबाद : बीसीसीएल में वर्ष 2012-2013 में डंपर-टिपर की खरीदारी की निविदा निकाली गयी थी. बीसीसीएल के पुराने डंपर को हटा कर (सर्वे ऑफ) विभिन्न एरिया में 100 डंपर की जरूरत थी. सभी 10 एरिया में नौ एरिया से नौ इंडेंट मंगाये गये. एरिया से अाये इंडेंट के आधार पर बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन के […]
धनबाद : बीसीसीएल में वर्ष 2012-2013 में डंपर-टिपर की खरीदारी की निविदा निकाली गयी थी. बीसीसीएल के पुराने डंपर को हटा कर (सर्वे ऑफ) विभिन्न एरिया में 100 डंपर की जरूरत थी. सभी 10 एरिया में नौ एरिया से नौ इंडेंट मंगाये गये. एरिया से अाये इंडेंट के आधार पर बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन के जीएम एन सहाय (उत्खनन) तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर 35 टन क्षमता के 100 डंपर खरीदारी का प्रस्ताव डीटी (पीएंडपी) अशोक सरकार के पास भेजा. इस प्रस्ताव को डीटी ने अनुशंसित किया,
जिसे सीएमडी टीके लाहिड़ी ने अनुमोदित किया. संबंधित विभाग से 100 डंपर की खरीदारी व छह साल की रखरखाव व मरम्मति के लिए निविदा निकाली गयी. बीसीसीएल के सीएमडी, डीटी, टेंडर कमेटी के सदस्यों ने निविदा शर्तों में बंगलुरु की एलएंडटी कंपनी के पक्ष में आनेवाली शर्तों को जोड़ दिया. इसी आधार पर टेंडर के लिए प्रस्ताव, अनुशंसा व अनुमोदन हुआ.
निविदा में 85 प्वाइंट लाने वाले बीडर ही टेंडर देने की शर्तें जोड़ी गयी. निविदा की शर्तें जोड़ने व डंपर की जगह टिपर जोड़ने की अनुमति बीसीसीएल बोर्ड डायरेक्टर से भी ले ली गयी. टेंडर में बीइएमएल धनबाद, मेसर्स टाटा हिटैची जमशेदपुर, वीइ कामर्शियल वेहिकल (वीइसीवी) बंगलुरु, समेत चार बीडरों ने भाग लिया. इन तीनों छोड़ एक बिडर को पहले ही अयोग्य करार दे दिया गया. बीइएमएल व टाटा को काफी कम प्वाइंट देकर रेस से बाहर कर दिया गया. कंपनी अधिकारियों की इस गड़बड़ी के कारण बीइएमएल ने अपनी आपत्ति दर्ज करायी. आइएमइ के समक्ष बीइएमएल ने अपनी राय दी. इसी आधार पर वर्ष 2013 की 25 फरवरी को निविदा रद्द करने की अनुशंसा की गयी. मार्च माह में टिपर खरीद की निविदा रद्द कर दी गयी.
