धनबाद : गंगा-दामोदर एक्सप्रेस में लगभग चार साल पहले छात्राओं के साथ हुए दुर्व्यवहार मामले में पीड़ित छात्राओं को धनबाद रेल मंडल अब हर्जाना भरेगा. घटना के बाद इस मामले में पटना एसआरपी ने ट्रेन में तैनात पुलिस पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था. इस मामले को लेकर धनबाद से लेकर पटना तक खूब हंगामा हुआ था. इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया. आयोग ने धनबाद मंडल को आदेश दिया कि सभी पीड़ित छात्राओं को हर्जाना दिया जाये.
डिगवाडीह की थीं छात्राएं : 23 नवंबर 2013 को डिगवाडीह स्थित लड़कियों की एक प्रतिष्ठित स्कूल की 96 छात्राएं व शिक्षिका गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के एसी कोच से दीघा से वापस धनबाद आ रही थीं. वे एजुकेशन टूर में वहां गयी थीं. वापसी के क्रम में बोगी में ग्रुप डी की परीक्षा देकर वापस आ रहे युवकों ने चार दर्जन से ज्यादा छात्राओं व शिक्षिका को सीट से उठा दिया था. युवकों ने छात्राओं को खूब परेशान किया. शिक्षिका के साथ भी अभद्र व्यवहार किया.
पटना जीआरपी के एसआइ व अन्य जवान भी ट्रेन में मौजूद थे. सूचना के बावजूद पुलिस ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया. युवक बदमाशी करते रहे. सुबह जब इसकी जानकारी पटना एसआरपी को लगी तो उन्होंने तत्काल कार्यवाही करते हुए जीआरपी के सभी जवान व अधिकारी को सस्पेंड कर दिया. धनबाद रेल थाना मे स्कूली छात्राओं ने भी पूरी घटना की आपबीती सुनायी. इसके बाद पटना से धनबाद तक खूब हंगामा हुआ.
पटना से आ रही छात्राओं व शिक्षिकाओं के साथ युवकों ने किया था दुर्व्यवहार
पटना से धनबाद तक मचा था हंगामा
जीआरपी के अधिकारी व जवान हुए थे सस्पेंड
एजुकेशन टूर में दीघा गयी थीं छात्राएं
