धनबाद : इंसुलिन का इंजेक्शन लेने वाले सुगर के मरीजों के लिए राहत भरी खबर. बाजार में जल्द ही इंसुलिन की कैप्सूल आने वाली है. इससे जहां बार-बार इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने से छुटकारा मिल जायेगा, वहीं सुगर के मरीज कभी-कभी मुंह मीठा भी कर सकेंगे. डायबिटीज पर काम कर रही विश्व की सबसे बड़ी संस्था यूरोपिन एसोसिएशन फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज (इएएसडी) इस शोध पर नजर बनाये हुए हैं.
प्रसिद्ध चिकित्सक व एसोसिएशन के सदस्य डॉ एनके सिंह ने बताया कि 11-15 सितंबर को पुर्तगाल के लिस्बन में अआयोजित कांफ्रेंस में यह बात सामने आयी. उन्होंने बताया कि गोली असल में अोरल इंसुलिन कैप्सूल है. शोध से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं. औपचारिकता के तौर पर अंतिम शोध भी लगभग पूरा होने वाला है.
मनुष्य पर काफी बेहतर प्रभाव : डॉ सिंह ने बताया कि किसी भी दवा की लिए शोध के लिए तीन स्टेज होता है. पहला एनिमल पर किया जाता है. इसमें दवा को सफलता मिली. इसके बाद मनुष्य पर शोध किया गया. इसे टाइप टू कहते हैं. मनुष्य के एक तबका को इंजेक्शन वाली इंसुलिन तो दूसरे तो कैप्सूल दी गयी, इसमें दोनों तबका का सुगर लेबल एक समान कम हुआ. इसमें भी सफलता पायी गयी है. अब वृहद स्तर पर दवाएं दी जा रही है. सफल होने पर बाजार में यह दवाएं आने लगेंगी.
मेडिकल क्षेत्र में नयी क्रांति : डॉ एनके सिंह
डॉ सिंह ने बताया कि ओरल इंसुलिन कैप्सूल वास्तव में चिकित्सा जगत के लिए किसी क्रांति से कम नहीं है. लंबे समय से ओरल कैप्सूल के लिए शोध चल रहा था. अब वह समय आ गया है. आम लोगों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. डायबिटीज के लिए काम कर रहे एसोसिएशन के सदस्यों ने भी इसमें अहम भूमिका निभायी है.

