बेकारबांध का पानी बहाने पर हंगामा

धनबाद: बेकारबांध (राजेंद्र सरोवर) का पानी बहाने पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. तालाब के मुहाना काटने के दौरान कुछ लोग जुट गये और कहने लगे कि तालाब में मछली का जीरा डाले हैं. पानी बहाया गया तो मछलियां कैसे होंगी? पार्षद अशोक पाल के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. आपसी सहमति से मुहाना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 2, 2017 8:48 AM
धनबाद: बेकारबांध (राजेंद्र सरोवर) का पानी बहाने पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. तालाब के मुहाना काटने के दौरान कुछ लोग जुट गये और कहने लगे कि तालाब में मछली का जीरा डाले हैं. पानी बहाया गया तो मछलियां कैसे होंगी? पार्षद अशोक पाल के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. आपसी सहमति से मुहाना थोड़ा काटा गया, ताकि पानी धीरे-धीरे ग्रेवाल कॉलोनी होते हुए पंपू तालाब में जाये. विदित हो कि तालाब का 3.04 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण होना है. तालाब से गाद निकालने के लिए पहले भी एक बार पानी लगभग बहा दिया गया था. कुछ गाद भी निकाली गयी थी. लेकिन बरसात में तालाब फिर से बह गया. ठेकेदार पानी निकालकर फिर से गाद हटाने की तैयारी में है.
60 हजार मीट्रिक टन निकाली जायेगी गाद : संवेदक
संवेदक दिनेश प्रधान के मुताबिक राजेंद्र सरोवर से 60 हजार मीट्रिक टन गाद निकालनी है. फिलवक्त 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है. छठ को देखते हुए बीच में काम बंद कर दिया गया था. रविवार से काम शुरू किया गया है. थोड़ी समस्या थी जो दूर कर ली गयी. 31 मार्च 2018 तक काम पूरा कर लिया जायेगा.
गाद निकाले बगैर सरोवर का सौंदर्यीकरण बेमानी : पार्षद
पार्षद अशोक पाल ने कहा कि जब तक तालाब से पूरी गाद नहीं निकाली जायेगी, सरोवर का सौंदर्यीकरण बेमानी होगी. निगम प्रशासन को इस पर पहल करनी चाहिए.
सरोवर से कितना गाद निकाला गया है. इसकी गणना नहीं की गयी है. सौंदर्यीकरण का काम शुरू करने के पहले प्री लेबल सरफेस लिया गया और गाद निकालने के बाद प्रो लेबल सरफेस लिया जायेगा. इसके बाद गाद का वोल्यूम निकाला जायेगा.
एसके सिन्हा, मुख्य अभियंता नगर निगम