परिजनों ने नर्स पर लगाया लापरवाही का आरोप, थाना में केस
धनबाद : पीएमसीएच के एनआइसीयू में भर्ती भौंरा 19 नंबर निवासी जीतेंद्र कुमार तांती के नवजात का पैर टूट जाने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया. यहां कार्य कर रही नर्सों पर परिजनों ने नवजात का पैर तोड़ देने का आरोप लगाया. हंगामा को लेकर चिकित्सकों की टीम ने नवजात को अाकर देखा व प्राथमिकी इलाज शुरू कराया. जीतेंद्र ने नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाकर सरायढेला थाना में केस किया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.
क्या है मामला : जीतेंद्र की पत्नी निरूपा देवी (36) को प्रसव के लिए 29 दिसंबर की सुबह नौ बजे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया. जीतेंद्र ने बताया कि 29 को ही चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया. चिकित्सकों ने बताया कि बच्चा रो नहीं रहा है, इसलिए उसे एनआइसीयू में भर्ती कर दिया. परिवार वाले हर दिन नवजात को जाकर देख रहे थे, बच्चा स्वस्थ था. मंगलवार की दोपहर 12 बजे वह नवजात को देखने गये तो बच्चा का बायां पैर में काफी सूजन था. जब उसका पैर देखा तो हड्डियां टूटी थीं. वहीं नर्सों का कहना है कि परिजन दिन भर में कई बार बच्चे को दू्ध पिलाते थे. डायपर बदलते थे, इस दौरान परिजनों से ही कुछ हुआ होगा.
हड्डी रोग के चिकित्सक ने किया इलाज : सूचना पर चिकित्सक डॉ अविनाश कुमार, डॉ एबी शरण ने नवजात को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ विजय प्रताप से दिखाया. एक्स रे में हड्डियां टूटी पायी गयी. पैर पर प्लास्टर किया गया. चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने की बात बतायी.
नवजात का नियमित इलाज चल रहा था. मंगलवार को 12 बजे के बाद देखा कि पैर टूटा हुआ है. अब यह कैसे हुआ, बता नहीं सकता. एक बीमारी भी होती है, जिसे अस्टियो जेनेसिस इंप्रफेक्टा कहते हैं, यह कमजोर हड्डियों के कारण जरा जा छूने पर हड्डियां टूट सकती हैं.
डॉ अविनाश कुमार, एनआइसीयू के चिकित्सक
