धनबाद : झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (जीटा) का तृतीय वार्षिक अधिवेशन रविवार को यूनियन क्लब में हुआ. उद्योग की दशा व दिशा पर चर्चा की गयी. अध्यक्ष केदार नाथ मित्तल ने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की तारीफ करते हुए सबका साथ-सबका विकास के मार्ग पर चलने का आग्रह किया. झारखंड में रोजगार की समस्या, औद्योगिक विकास की संरचनाओं में कमी, धनबाद को हवाई सेवा से कनेक्टिविटी की आवश्यकता पर बल दिया. महासचिव राजीव शर्मा ने कहा कि जीटा के गठन का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों की समस्याओं को प्रमुखता से सरकार तक पहुंचाना और उसे समाधान कराना है, ताकि धनबाद और उसके आस-पास के क्षेत्रों में नये-नये उद्योगों की स्थापना हो सके.
संगठन की वेबसाइट का निबंधन हो चुका है, जिसमें संगठन के बारे में संपूर्ण एवं विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी. केंद्र या राज्य सरकार के सिंगल विंडो की तर्ज पर वेबसाइट में भी सिंगल विंडो सिस्टम की तरह सुविधाएं रहेंगी, जिसमें झारखंड की औद्योगिक नीति एवं केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी होगी. संगठन, सरकार एवं उद्यमियों के बीच कड़ी का काम करेगा. मोमेंटम झारखंड के तहत सरकार से आग्रह करेंगे कि धनबाद में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाये. कोषाध्यक्ष अमितेश सहाय ने वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 का आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया. संगठन के विस्तार एवं इसे गतिशील बनाने के लिए सुझाव दिये. गगन दुदानी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ आम सभा का समापन हुआ.
सदस्यों के साथ खड़ा रहेगा संगठन : महासचिव श्री शर्मा ने कहा कि धनबाद में बिजली की दयनीय स्थिति है. इसमें सुधार से उद्योगों के लगने की संभावना भी बढ़ेगी. संगठन के सदस्यों की समस्या पर संगठन उनके साथ खड़ा रहा है और आगे भी खड़ा रहेगा.
ये थे उपस्थित : पुष्कर डोकानिया, वीरेंद्र राय, गोपी कटेसरिया, ब्रजेश नारनोलिया, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, दीपक पोद्दार, संजीव चौरसिया, कमल सिंह, धर्मेंद्र वर्मा, राजेश गोयल, सुनील कटेसरिया, संजय सिंघानिया, राहुल गोयल, अशोक शर्मा, अंकित सहाय एवं अन्य उद्यमी एवं व्यवसायी उपस्थित थे.
जीएसटी, फिर माडा टैक्स क्यों?
कोषाध्यक्ष अमितेश सहाय ने कहा कि जब जीएसटी लागू है फिर कोयला पर माडा टैक्स क्यों? बीसीसीएल के कोयले पर डीओ होल्डरों से माडा टैक्स लिया जा रहा है, जो उचित नहीं है. जिस उद्देश्य के साथ जीटा का गठन हुआ, उसका लाभ उद्यमियों को नहीं मिल रहा है.
संगठन को सक्रिय करने की आवश्यकता
सुशील सिंह ने जीटा के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए संगठन को और धारदार एवं आसपास के जिलों में सक्रिय करने में अपने योगदान देने की बात कही.
अौद्योगिक माहौल बनाने की जरूरत
महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यहां के लोगों के पास नये उद्योग लगाने के लिए पैसे होते हुए भी वे औद्योगिक विकास की संरचना से कोसों दूर है. यहां औद्योगिक माहौल बनाने की आवश्यकता है.
राजेश को मिला सचिव का प्रभार
स्व. बीरेन्द्र केजरीवाल के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से संगठन को काफी बहुत नुकसान हुआ है. उनके निधन के उपरांत खाली हुए सचिव पद का प्रभार राजेश जालूका को दिया गया.