ठगी के मामले में दो महिलाएं समाहरणालय में उलझीं
धनबाद : समाहरणालय में गुरुवार की दोपहर शिमलडीह निवासी अपर्णा कुमारी व शीला उर्फ भानु देवी आपस में उलझ गयीं. दोनों समाहरणालय प्रज्ञा केंद्र में अपना आधार कार्ड में संशोधन कराने आयी थी. अपर्णा ने बताया मुझे मुहल्ले की महिलाओं से जानकारी मिली थी कि भानु देवी लोन दिलाती है. मैने भानु से संपर्क किया […]
धनबाद : समाहरणालय में गुरुवार की दोपहर शिमलडीह निवासी अपर्णा कुमारी व शीला उर्फ भानु देवी आपस में उलझ गयीं. दोनों समाहरणालय प्रज्ञा केंद्र में अपना आधार कार्ड में संशोधन कराने आयी थी. अपर्णा ने बताया मुझे मुहल्ले की महिलाओं से जानकारी मिली थी कि भानु देवी लोन दिलाती है. मैने भानु से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह दो लाख लोन दिला देगी, लेकिन पहले 7,500 रुपये देने होंगे. मैं उसकी बातों में आ गयी. कुछ दिन बात मेरे पास एक फोन आया.
फोन करनेवाले ने बताया वह बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी है, उसका लोन पास हो गया है, दो हजार रुपये एकाउंट में डालो. मैने वैसा ही किया. इसके बाद भानु ने फोन उठाना ही बंद कर दिया. आज वह हाथ आयी है. अपर्णा ने आरोप लगाया कि भानु मुहल्ले की कई औरतों को लोन दिलाने के नाम पर ठग चुकी है. वहीं भानु देवी का कहना था कि उसने ठगी नहीं की है. धनबाद कोर्ट की एक महिला अधिवक्ता और एक पुरुष अधिवक्ता को लोन के नाम पर पैसा दिया है. अधिवक्ता ही बैंक अधिकारी बन एकाउंट में पैसा डालने कहता है. समाहरणालय में तैनात पुलिसकर्मी के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ.
