धनबाद : एनयूएलएम (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) की कौशल विकास योजना के प्रशिक्षण में तीन करोड़ रुपये के घोटाले की जांच अब उपायुक्त करेंगे. नगर विकास विभाग ने उपायुक्त को जांच का नोडल पदाधिकारी नियुक्ति किया है. नगर निगम को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है. जांच में एजेंसी के अलावा कई वरीय अधिकारियों की भी गर्दन फंस सकती है. एनयूएलएम में भारी पैमाने पर घोटाले की जांच की अनुशंसा नगर विकास से की गयी थी.
क्या है मामला : वर्ष 2016-17 में कौशल विकास योजना के लिए वेंचर स्किल प्रा लि, ओरियन एडुकेट, एसजीपी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट व टाटा प्रो आदि कंपनियों को काम मिला था. आठ हजार छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाना था. छात्रों को ट्रेनिंग के साथ प्लेसमेंट भी करना था. एजेंसियों ने गाइड लाइन के अनुसार काम नहीं किया. न तो प्रशिक्षण दिया गया और न ही प्लेसमेंट. कागज पर प्रशिक्षण दिखाकर एजेंसियों ने लगभग तीन करोड़ रुपया उठा लिये. यह सब खेल निगम पदाधिकारियों की सांठगांठ से हुआ. मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कौशल विकास योजना की समीक्षा के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी थी.
प्रशिक्षु आइएएस ने भी पकड़ी थी गड़बड़ी : 2015-16 में भी भारी पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गयी थी. तत्कालीन प्रशिक्षु आइएएस माधुरी मिश्रा ने जांच में गड़बड़ी पकड़ी और उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की थी. 2015-16 में 6110 छात्रों को ट्रेनिंगदी गयी थी. इसके लिए 9 करोड़ 16 लाख 50 हजार का आवंटन था. लेकिन आज तक जांच नहीं हुई.