धनबाद : राजद्रोह के आरोपी को मुंबई से लाकर भेजा गया धनबाद जेल

धनबाद : फेसबुक पर शहीदों के लिए आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोपी शाहनवाज आलम उर्फ बड़कू को गुरुवार को जेल भेज दिया गया. पुलिस उसे मुंबई से लेकर आयी. इस बात को लेकर पुलिस ने खास एहतियात बरती कि शाहनवाज भीड़ का निशाना न बन जाये. आरोप है कि सोमवार को शाहनवाज ने फेसबुक पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 22, 2019 5:45 AM

धनबाद : फेसबुक पर शहीदों के लिए आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोपी शाहनवाज आलम उर्फ बड़कू को गुरुवार को जेल भेज दिया गया. पुलिस उसे मुंबई से लेकर आयी. इस बात को लेकर पुलिस ने खास एहतियात बरती कि शाहनवाज भीड़ का निशाना न बन जाये. आरोप है कि सोमवार को शाहनवाज ने फेसबुक पर पुलवामा के शहीदों के बारे में अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की थी.

शाम होते होते भूली ओपी के समक्ष सैकड़ों की आक्रोेशित भीड़ जुट गयी. सभी आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. गनीमत रही कि भूली पुलिस ने उसे मुंबई के पवई से गिरफ्तार करवा लिया. शाहनवाज आजाद नगर भूली का रहने वाला है. इन दिनों वह मुंबई में रह रहा था.

फ्लाइट से कोलकाता, फिर कार से धनबाद लाया गया : गुरुवार पूर्वाह्न 9:00 बजे बैंक मोड़ थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह, एएसआइ रामाशीष राय और एक सिपाही कार से शाहनवाज को कोलकाता से लेकर पहुंचे. मुंबई से वे लोग इंडिगो फ्लाइट से रात ग्यारह कोलकाता पहुंचे थे. आरोपी को धनबाद कोर्ट में पेश करने से पहले थोड़ी देर के लिए धनबाद थाना में रखा गया. बाद में उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया.
हंगामा को लेकर प्राथमिकी पर तीखी प्रतिक्रिया : झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभीजित राज ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि भूली के लोग देशद्रोही की गिरफ्तार के लिए थाना पर दबाव बना रहे थे. मगर उन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गयी. विधायक राज सिन्हा भी थे. विधायक की मौजूदगी में थाना पर उग्र प्रदर्शन किया गया.
लेकिन विधायक पर प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं हो रही है. इधर हंगामा को लेकर नामजद झाड़ूडीह निवासी देवेंद्र सिंह, आम बगान भूली निवासी दीपक झा और ए ब्लॉक के कृष्णा झा और विष्णु सिंह को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पायी है.
प्राथमिकी में क्या-क्या
आरोपी युवक शाहनवाज उर्फ बड़कू पर राजद्रोह का मुकदमा हुआ है. भादवि की धारा 124 (ए) जिसमें कोई ऐसा काम करना जो सरकार के प्रति घृणा य अपमान पैदा करे, धारा 295 (ए) जिसमें किसी की भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना और धारा 153 जिसमें कोई ऐसा काम करना जिसके कारण किसी भी धर्म या जाति में शत्रुता पैदा होना या दंगा होना के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
बैंक मोड़ थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जिस तरह से जिले में इस युवक को लेकर आक्रोश था उस हालत में उसे सही-सलामत कोर्ट पहुंचाना पुलिस के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी. इसलिए उन लोगों ने ट्रेन से नहीं आना ही मुनासिब समझा.