धनबाद : बीसीसीएल में फिर से मिलेगा को-ऑपरेटिव सोसाइटी को काम
जिला प्रशासन एवं कोल कंपनी के बीच बनी सहमति धनबाद : बीसीसीएल की 12 को-ऑपरेटिव सोसाइटी को सात वर्षों बाद फिर से सिविल वर्क और ट्रांसपोर्टेशन का काम मिलेगा. इसके लिए सोसाइटी को कुछ रियायत भी दी जायेगी. सोमवार को उपायुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी. […]
जिला प्रशासन एवं कोल कंपनी के बीच बनी सहमति
धनबाद : बीसीसीएल की 12 को-ऑपरेटिव सोसाइटी को सात वर्षों बाद फिर से सिविल वर्क और ट्रांसपोर्टेशन का काम मिलेगा. इसके लिए सोसाइटी को कुछ रियायत भी दी जायेगी. सोमवार को उपायुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी. बैठक में डीसी के आग्रह पर बीसीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद भी शामिल हुए.
उपायुक्त ने कोल इंडिया लिमिटेड के 23 जुलाई 2007 के पत्र का उल्लेख करते हुए सीएमडी को बताया कि इसके दिशा निर्देश के अनुसार को-ऑपरेटिव सोसाइटी को अर्नेस्ट मनी में शत-प्रतिशत छूट देने, एक करोड़ रुपये तक का ट्रांसपोर्टेशन कार्य, 20 लाख रुपये तक का सिविल कार्य, 10 लाख तक का सैनिटेशन एवं पांच लाख रुपये तक का हॉर्टिकल्चर, गार्डेनिंग एवं प्लांटेशन कार्य देने का स्पष्ट उल्लेख है.
बीसीसीएल सीएमडी ने कहा कि वे बैठक बुलाकर को-ऑपरेटिव सोसाइटी को सिविल कार्य, साफ-सफाई व अन्य कार्य आवंटित कर उनको काम देना शुरू करेंगे. सीएमडी ने बताया कि सीएसआर के माध्यम से भी कई प्रकार के काम को-ऑपरेटिव सोसाइटी को दिए जायेंगे.
छोटे-छोटे रोजगार के अवसर सृजित होंगे : उपायुक्त ने कहा कि इससे सभी 12 को-ऑपरेटिव सोसाइटी को पुनर्जीवित करने का अवसर मिला है. को-ऑपरेटिव सोसाइटी को छोटे-छोटे काम मिलने से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा.
को-ऑपरेटिव सोसाइटी बड़े ठेकेदारों की तरह नहीं है. उन्हें प्रोत्साहन देना है. को-ऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से संतोष विकराल ने कहा कि बैठक काफी सकारात्मक रही. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2011 – 12 से को-ऑपरेटिव सोसाइटी को बीसीसीएल में काम मिलना बंद हो गया था. बैठक में बीसीसीएल महाप्रबंधक प्रशासन एसके सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी एके कुजूर, कोलफील्ड शिक्षित बेरोजगार सहयोग समिति लिमिटेड, श्रमिक सहयोग समिति लिमिटेड, ओम शिक्षित बेरोजगार सहयोग समिति लिमिटेड, चंदौर मोटर परिवहन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, आदर्श श्रमिक सहयोग समिति लिमिटेड, जनकल्याण सहयोग समिति लिमिटेड सहित अन्य को-ऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्य उपस्थित थे.
