गलती एसबीटीइ की भुगत रहे स्टूडेंट्स
धनबाद: राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद व राजकीय पॉलिटेक्निक निरसा में बिना सीएलसी के ही नामांकन लेने आ रहे हैं स्टूडेंट्स. यह गलती स्टूडेंट्स की नहीं, बल्कि एसबीटीइ की है. काउंसेलिंग के तहत जो पत्र स्टूडेंट्स को एसबीटीइ ने दिया है उसमें नामांकन के लिए आवश्यक कागजात की सूची में सीएलसी का जिक्र ही नहीं है. इस […]
धनबाद: राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद व राजकीय पॉलिटेक्निक निरसा में बिना सीएलसी के ही नामांकन लेने आ रहे हैं स्टूडेंट्स. यह गलती स्टूडेंट्स की नहीं, बल्कि एसबीटीइ की है. काउंसेलिंग के तहत जो पत्र स्टूडेंट्स को एसबीटीइ ने दिया है उसमें नामांकन के लिए आवश्यक कागजात की सूची में सीएलसी का जिक्र ही नहीं है. इस त्रुटि को लेकर परेशान कई स्टूडेंट्स को बिना नामांकन ही लौटना पड़ रहा है.
क्या है नियम : काउंसेलिंग लेटर मेंजारी तिथि से चार दिनों के अंदर स्टूडेंट्स को आवंटित संस्थान में नामांकन ले लेना है. उसके बाद समय खत्म हो जायेगा. संस्थान को चार दिन बाद यह रिपोर्ट भेज देना है कि कितने स्टूडेंट्स का नामांकन हुआ, ताकि दूसरे छात्रों को अवसर मिले.
प्राचार्य से मांग रहे हैं समय : बिना सीएलसी के नामांकन लेने आये स्टूडेंट्स प्राचार्य से सीएलसी लाने के लिए समय मांग रहे हैं. प्राचार्य अपनी मजबूरी सुना रहे हैं कि समय देना उनके अधिकार में नहीं है. निर्धारित समय में नामांकन नहीं हुआ तो नामांकन का आवंटन रद्द समङों. ऐसे में स्टूडेंट्स खासा परेशान हैं.
पीड़ित छात्रों का सवाल : परेशान स्टूडेंट्स ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि गलती एसबीटीइ की है और भुगत रहे हैं हम.