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मेरे परिवार को टूटने से बचा लें

धनबाद: ‘‘सर, मेरे परिवार को टूटने से बचा लें. मैं निशांत की जीवन संगिनी हूं. साथ में जीने-मरने की कसम खायी है. पति से अलग रहने का सवाल ही नहीं उठता है.’’ यह कहना है बरटांड़ स्थित भुनेश्वरी अपार्टमेंट निवासी निशांत अग्रवाल की पत्नी शिल्पा अग्रवाल का. शुक्रवार को प्रभात खबर के साथ बातचीत में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:49 PM

धनबाद: ‘‘सर, मेरे परिवार को टूटने से बचा लें. मैं निशांत की जीवन संगिनी हूं. साथ में जीने-मरने की कसम खायी है. पति से अलग रहने का सवाल ही नहीं उठता है.’’ यह कहना है बरटांड़ स्थित भुनेश्वरी अपार्टमेंट निवासी निशांत अग्रवाल की पत्नी शिल्पा अग्रवाल का. शुक्रवार को प्रभात खबर के साथ बातचीत में शिल्पा ने कहा कि ‘‘जैसे दूसरे परिवारों में पति-पत्नी के बीच विवाद होता है. उसी तरह हमलोगों के बीच भी हुआ.

हां, मारपीट भी हुई. मैंने गुस्से में आकर थाना में लिखित शिकायत कर दी. केस दर्ज हो गया. दुख है कि हम पति-पत्नी के विवाद को गंदा रंग दिया गया. झूठी व मनगढ़ंत बातें प्रचारित की गयी. पुलिस को दिया मेरा आवेदन पढ़ लें, उसमें कहीं से वह सारी बातें नहीं कही गयी हैं, जो प्रचारित की जा रही है.’’

हुआ समझौता : इस बीच शुक्रवार को शिल्पा ने धनबाद थाना की पुलिस को लिखित तौर पर दिया है कि वह अपने पति के साथ रहेगी. समझौता हो गया. शिल्पा के स्टैंड को देखते हुए पुलिस ने उसके पति निशांत अग्रवाल को थाना से छोड़ दिया. इसके पूर्व गुरुवार को दोपहर तीन बजे के करीब नाटकीय तरीके से निरसा के कंचनडीह इलाके से निशांत को गिरफ्तार किया गया था. निशांत को धनबाद थाना लाकर हवालात में बंद कर दिया गया. शिल्पा अग्रवाल अपने पति की गिरफ्तारी की बात सुनकर धनबाद थाना पहुंची. थाना में पति व पत्नी ने एक कमरे में बैठकर घंटों बातचीत की. दोनों ने साथ रहने व भविष्य में गलती न करने की कसमें खायी.

केस नहीं लड़ना : दोनों पक्षों ने थानेदार से आग्रह किया कि वे केस लड़ना नहीं चाहते हैं. शिल्पा अपने पति को जेल न भेजने का आग्रह पुलिस से करती रही. शिल्पा ने अपने माता-पिता के साथ वरीय पुलिस अधिकारियों से मिलकर गुहार लगायी. कहा कि वे लोग कोर्ट में समझौता कर लेंगे.

पति के जेल जाने से परिवार टूट जायेगा. लड़की व उसके माता-पिता के आग्रह पर निशांत को शुक्रवार की दोपहर धनबाद थाना से छोड़ दिया गया. अब वे लोग कोर्ट में सुलहनामा आवेदन दाखिल करेंगे.

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