लाहबनी वालों के लिए नहीं खुलेगा रास्ता

धनबाद: लाहबनी बस्ती वालों के लिए भारतीय खनि विद्यापीठ (आइएसएम) प्रबंधन ने रास्ता खोलने से साफ इनकार कर दिया है. प्रबंधन ने इस मामले में जिला प्रशासन का आदेश मानने से भी मना कर दिया है. दूसरी तरफ, लाहबनी के नागरिकों ने भी आइएसएम प्रबंधन के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है.... […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 3, 2014 3:45 AM

धनबाद: लाहबनी बस्ती वालों के लिए भारतीय खनि विद्यापीठ (आइएसएम) प्रबंधन ने रास्ता खोलने से साफ इनकार कर दिया है. प्रबंधन ने इस मामले में जिला प्रशासन का आदेश मानने से भी मना कर दिया है. दूसरी तरफ, लाहबनी के नागरिकों ने भी आइएसएम प्रबंधन के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है.

क्या है मामला : लाहबनी से सटे रास्ते को आइएसएम प्रबंधन ने गेट लगा कर बंद कर दिया है. वहां गेट पर दो दर्जन से अधिक सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी लगायी गयी है. किसी को भी रास्ता का उपयोग नहीं करने दिया जा रहा है. ग्रामीणों को तीन किलोमीटर दूर वैकल्पिक रास्ता का उपयोग करना पड़ता है.

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उपायुक्त से की. ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ता का उपयोग पिछले पचास वर्ष से कर रहे हैं. ग्रामीणों के आवेदन पर अनुमंडल पदाधिकारी ने आइएसएम प्रबंधन को पत्र लिख कर 14 दिसंबर तक रास्ता खोलने को कहा. चुनाव बाद इस मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता की भी बात कही. लेकिन, आइएसएम के कुलसचिव कर्नल (रिटायर्ड) एमके सिंह ने एसडीएम को पत्र लिख कर साफ कर दिया है कि सुरक्षा कारणों से गेट नहीं खोला जा सकता. केवल मतदान के दिन यानी 14 दिसंबर को गेट खुलेंगे, ताकि जनता आइएसएम कैंपस स्थित बूथों तक पहुंच कर वोट डाल सकें. आइएसएम प्रबंधन ने इस मामले को हाइ कोर्ट ले जाने की भी धमकी दी है.

ग्रामीणों ने ली कानूनी सलाह
लाहबनी के ग्रामीणों ने आज सरकारी अधिवक्ता एके सहाय से मिल कर रास्ता मामले में कानूनी सलाह ली. इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. ग्रामीण आज फिर डीसी ऑफिस भी पहुंचे. हालांकि, डीसी से मुलाकात नहीं हो पायी.