मतदाताओं ने मजदूर नेताओं को नकारा

धनबाद. विधान सभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं ने मजदूर नेताओं को लगभग एक तरह से नकार दिया है. इस चुनाव में दो केंद्रीय श्रमिक संगठनों के राष्ट्रीय पदधारियों समेत कई नेता धाराशायी हो गये. हजारीबाग के बड़कागांव से एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार सीपीआइ के प्रत्याशी थे. उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी निर्मला देवी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 24, 2014 5:01 PM

धनबाद. विधान सभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं ने मजदूर नेताओं को लगभग एक तरह से नकार दिया है. इस चुनाव में दो केंद्रीय श्रमिक संगठनों के राष्ट्रीय पदधारियों समेत कई नेता धाराशायी हो गये. हजारीबाग के बड़कागांव से एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार सीपीआइ के प्रत्याशी थे. उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी निर्मला देवी ने हरा दिया. सबसे आश्चर्य जनक परिणाम बेरमो विधान सभा का रहा. जहां इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह को भाजपा के प्रत्याशी योगेश्वर महतो के हाथों हार का सामना करना पड़ा. कोलियरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष समरेश सिंह बोकारो से और झारखंड कोलियरी श्रमिक यूनियन के केंद्रीय महामंत्री जलेश्वर महतो बाघमारा से चुनाव हार गये. वहीं झारखंड कोलियरी श्रमिक यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष राज किशोर महतो टुंडी से चुनाव जीत गये. सबसे दिलचस्प लड़ाई झरिया विधान सभा क्षेत्र मे थी. वहां दो चचेरे भाई चुनावी मैदान में आमने सामने थे. दोनों एक ही नाम की यूनियन के अलग-अलग गुट के संयुक्त महामंत्री हैं. संजीव सिंह ( जनता मजदूर संघ, कुंती गुट के संयुक्त महामंत्री) भाजपा के और नीरज सिंह (जनता मजदूर संघ, बच्चा गुट के संयुक्त महामंत्री) कांग्रेस के प्रत्याशी थे. इस चुनाव मे संजीव सिंह ने नीरज सिंह को हरा दिया.