न कातिल मिल रहे, न हमलावर

धनबाद: धनबाद के दो बहुचर्चित मामले के अनुसंधान में पुलिस फिसड्डी साबित हुई है. घटना क्यों हुई, किसने अंजाम दिया, साल भर बाद भी इसका पता पुलिस नहीं लगा पायी है. दोनों मामला रहस्यमय बना हुआ है.... पंकज राय हमलाकांड : 22 जनवरी, 2014 का रात कांग्रेस नेता सह गंगा मेडिकल हॉल के मालिक पंकज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 13, 2015 8:40 AM

धनबाद: धनबाद के दो बहुचर्चित मामले के अनुसंधान में पुलिस फिसड्डी साबित हुई है. घटना क्यों हुई, किसने अंजाम दिया, साल भर बाद भी इसका पता पुलिस नहीं लगा पायी है. दोनों मामला रहस्यमय बना हुआ है.

पंकज राय हमलाकांड : 22 जनवरी, 2014 का रात कांग्रेस नेता सह गंगा मेडिकल हॉल के मालिक पंकज राय को गोली मार दी गयी थी. चार-पांच गोली पंकज के पेट व हाथ में लगी थी.

गंभीर हालत में उन्हें सेंट्रल अस्पताल में इलाज के बाद कोलकाता भेजा गया. नौ माह तक इलाज के बाद वह कोलकाता से धनबाद लौटे हैं. अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप है. एक वर्ष से ज्यादा बीत गये लेकिन पुलिस हमलावरों तक नहीं पहुंच पायी है. इस घटना से पंकज इतने भयभीत हैं कि घर से निकलना छोड़ दिया है. कांग्रेसी भी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. सुरक्षा के लिए पंकज की अंगरक्षक की मांग पुलिस फाइल की शोभा बढ़ा रही है.

सीआइएसएफ जवान हत्याकांड : नौ फरवरी 2014 को कोयला नगर स्थित सीआइएसएफ के डिप्टी कमांडेट शंकर माजी के आवास पर कांस्टेबल रवि वर्मा की हत्या कर दी गयी. जवान रवि वर्मा मूलत: जम्मू के कठुआ का रहने वाला था. वर्ष 2012 में वह बहाल हुआ था. वर्ष 2014 की 12 जनवरी को डिप्टी कमाडेंट के यहां ज्वाइन किया. डिप्टी कमाडेंट के अवकाश जाने पर बंगले में जवान के साथ कुक ललन रहता था. हत्या के समय कुक घर पर नहीं था. सीआइएसएफ एसआइ की शिकायत पर मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था. परिजनों ने किसी से कोई दुश्मनी व विवाद की बात पुलिस को नहीं बतायी. पुलिस हत्या के कारणों व हत्यारों तक नहीं पहुंची है. पीड़ित के परिजन जम्मू में सांसद व विधायक से गुहार लगा चुके हैं. लोकसभा व विधानसभा में भी मामला उठा. अनुसंधान के नाम पर पुलिस घटना से बरामद चाकू, जवान के खून लगे कपड़े जांच के लिए एफएसएल भेजे, लेकिन कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी है.