वहीं केस के आइओ को अनुसंधान कार्य में लापरवाही पर नराजगी जतायी. कोर्ट ने कहा कि दिवंगत पिता की देनदारी उसके नाबालिग बच्चे पर फिक्स करना कहीं से उचित नहीं है. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शहनाज बिलकिस व राय आशीष सिन्हा ने बहस की. जबकि अभियोजन की ओर से एपीपी महेंद्र दास ने अपना पक्ष रखा.
अभियोजन की ओर से एपीपी ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने गवाह का परीक्षण कराया. जबकि प्रति परीक्षण बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने किया. सुनवाई के वक्त अदालत में आरोपी शाहीद आलम हाजिर था. विदित हो कि 18 अक्तूबर 01 को फहीम की मां व मौसी पुराना बाजार धनबाद से सामान खरीद कर घर जा रही थी, तभी अपराधियों ने डायमंड क्रासिंग के पास पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना के बाद शेर खान ने बैंक मोड़ थाना में साबिरआलम, लाडले, मो अफाक, असगर आलम समेत आठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी. यह मामला एसटी केस नंबर 343/01 से संबंधित है.

