पति-पत्नी की लड़ाई और बेचारे बच्चे
धनबाद : दादी पर स्कूल से पोता-पोती के अपहरण का प्रयास का आरोप लगाया गया. बच्चों की मां, नानी और मामा ने उसे पकड़ कर गुरुवार को धनबाद थाना के हवाले कर दिया. इसी बीच बच्चों के पिता लहूलुहान अवस्था में धनबाद थाना पहुंचे और अपने साले पर चाकू मारकर जख्मी करने का आरोप लगाया. […]
धनबाद : दादी पर स्कूल से पोता-पोती के अपहरण का प्रयास का आरोप लगाया गया. बच्चों की मां, नानी और मामा ने उसे पकड़ कर गुरुवार को धनबाद थाना के हवाले कर दिया. इसी बीच बच्चों के पिता लहूलुहान अवस्था में धनबाद थाना पहुंचे और अपने साले पर चाकू मारकर जख्मी करने का आरोप लगाया. पति-पत्नी दोनों तरफ से एक दूसरे पर आरोप लगाये जाने लगे. थाना में हंगामा होने लगा. बच्चों की मां ने अपनी सास के खिलाफ धनबाद थाना में शिकायत की है, जबकि बच्चों के पिता ने अपने साला के खिलाफ. पुलिस छानबीन कर रही है.
दोपहर सूर्य बिहार कॉलोनी निवासी मीना अपनी मां व बच्चों के साथ धनबाद थाना पहुंची. अन्य महिलाएं भी साथ थी. वह एक महिला को पकड़ी हुई थी और कह रही थी कि स्कूल से उसके बेटा-बेटी का अपहरण किया जा रहा था. स्कूल शिक्षक की सूचना पर वे लोग पहुंचे और महिला को पकड़े हैं.
महिला राधा देवी उसकी सास है. ससुराल वालों के खिलाफ कोर्ट में मीना के पिता जनार्दन प्रसाद गुप्ता की हत्या का केस चल रहा है. बच्चे गवाह हैं, इस कारण अपहरण किया जा रहा था. राधा देवी आरोप को गलत बता रही थी, उसका कहना था कि वह स्कूल में अपने पोता-पोती से मिलने आयी थी. बराबर मिलने आती है.
इसी बीच मीना का पति विजय गुप्ता लहूलुहान थाना पहुंचा. वह अपने साला अश्विनी पर चाकू मारकर जख्मी करने व हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा रहा था. हाथ में गहरा जख्म था व खून गिर रहा था. जबकि अश्विनी व उसकी मां-बहन का कहना था कि विजय खुद को चाकू मारकर फंसाने की साजिश कर रहा है. पुलिस ने इंज्यूरी देखकर विजय को अस्पताल में भरती कराया. विजय का कहना था कि बेटी फोन की थी तो वह बेटा-बेटी से मिलने आया था. साले ने चाकू मार दिया. माता-पिता के परिवार के इस झगड़े में सबसे बुरा हाल बच्चों का था. दोनों रो रहे थे.
क्या है मामला: डिगवाडीह के रामदेव प्रसाद गुप्ता के पुत्र विजय गुप्ता की शादी 14 वर्ष पहले सूर्य बिहार कॉलोनी निवासी जनार्दन प्रसाद गुप्ता की पुत्री मीना से हुई थी. दंपति को एक बेटी तिसा व ऋषभ है.
दंपति के बीच विवाद होने लगा. वर्ष 2013 के दिसंबर में बेटी को ससुराल में प्रताड़ना व मारपीट की सूचना पर जनार्दन प्रसाद गुप्ता डिगवाडीह पहुंचे थे. वह हार्ट के पेशेंट थे, पेश मेकर लगा हुआ था. आरोप है कि दामाद, उसके पिता व भाई ने धकेल दिया जिससे गिरकर उनकी मौत हो गयी. मामले में जोड़ापोखर थाना में केस दर्ज है. ससुर की हत्या के मामले में दामाद व परिजनों को जेल की हवा खानी पड़ी. मीना ससुराल छोड़ अपने दोनों बच्चों के साथ मैके सूर्य बिहार कॉलोनी में अपनी मां व भाइयों के साथ रहने लगी.
जनार्दन गुप्ता की हत्या का मामला कोर्ट में चल रहा है. मीना की सास हाउसिंग कॉलोनी स्थित स्कूल में एक-दो बार बच्चों (पोता-पोती) से आकर मिल चुकी है. बच्चे रोने लगते थे. स्कूल शिक्षक को मीना ने बाहरी लोगों से बच्चों को नहीं मिलने देने को कहा था. आज मीना की सास स्कूल के समीप घूम रही थी, जिसकी सूचना स्कूल से उसे दी गयी थी. इसके बाद वे लोग पहुंचे व राधा देवी को पकड़ कर थाना ले गये.
