धनबाद: कोल किंग सुरेश सिंह व रेलवे ठेकेदार धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड के अनुसंधानकर्ता बदले जायेंगे. धनबाद थाना में एडिशनल ओसी रहे रवि ठाकुर सुरेश हत्यकांड के अनुसंधानकर्ता हैं. तीन माह पहले ही उन्हें निरसा थानेदार बनाया गया है. निरसा से धनबाद की दूरी 30 किमी है. मामले की सुनवाई भी कोर्ट में शुरू है. गवाही चल रही है.
अनुसंधानकर्ता को धनबाद आने में परेशानी है. निरसा जैसे संवेदनशील थाना प्रभारी को दूसरे थाना के केस का अनुसंधान करना संभव नहीं है. आइजी ने पिछले दिनों समीक्षा के दौरान हत्याकांड के अनुसंधानकर्ता को बदलने का निर्देश दिया था. धनबाद थाना प्रभारी या किसी अन्य जेएसआइ को मामले का अनुसंधानकर्ता बनाने पर विचार चल रहा है. सुरेश हत्याकांड का अनुसंधान अभी चल रहा है. मुख्य आरोपी धनबाद मेयर इंदु देवी के बेटे शशि सिंह है, जो फरार चल रहा है.
रेलवे ठेकेदार धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड के अनुसंधानकर्ता उमेश ठाकुर को भी पिछले दिनों पंचेत ओपी प्रभारी बनाया गया है. वह धनबाद थाना के एडिशनल ओसी थे. ठेकेदार हत्याकांड में पुलिस ने दो ठेकेदार को षडयंत्रकारी मानते हुए जेल भेज दिया है. मुख्य आरोपी राजेश पांडेय उर्फ छोटू पांडेय अभी फरार है.
छोटू का सहयोगी हिमांशु कुमार सरेंडर कर चुका है. धनबाद से पंचेत ओपी की दूरी 50 किलोमीटर है, वहां से धनबाद आकर मामले का अनुसंधान करना संभव नहीं है. ऐसे में उमेश ठाकुर को भी हत्याकांड का प्रभार सौंपने का निर्देश दे दिया गया है.