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कोलकर्मी ही नहीं, अच्छी अदाकारा भी हैं मिताली

धनबाद: संगीत नृत्य एवं नाटक को समर्पित शख्सियत का नाम है मिताली मुखर्जी. मिताली के शब्दकोश में असंभव शब्द है ही नहीं. बचपन से ही संगीत से विशेष लगाव था. मां ने उनके इस हुनर को पहचाना और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. संगीत के अलावा वह पंद्रह सालों से नाट्य संस्था से जुड़ी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:37 PM

धनबाद: संगीत नृत्य एवं नाटक को समर्पित शख्सियत का नाम है मिताली मुखर्जी. मिताली के शब्दकोश में असंभव शब्द है ही नहीं. बचपन से ही संगीत से विशेष लगाव था. मां ने उनके इस हुनर को पहचाना और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. संगीत के अलावा वह पंद्रह सालों से नाट्य संस्था से जुड़ी हैं. अब तक लगभग दस बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड पा चुकीं है. कोयलांचल के बच्चों को संगीत नृत्य एवं कलाकृति का बेहतर प्रशिक्षण मिले, अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले इसके लिए हमेशा प्रयासरत रहती हैं.

अवार्ड जो इन्हें मिले
सबसे अधिक अवार्ड हम सब एक हैं नाटक में बेस्ट एक्ट्रेस का लिया है. इस नाटक में अनेकता में एकता का संदेश दिया गया है. मिताली ने समाज सेविका आनंदी का रोल निभाया है. इसके अलावा इलाहाबाद में ऑल इंडिया ड्रामा कंपीटीशन में विडंबना, ओड़िशा में परदा उठने से पहले, कटक में सफेद धुआं, ओड़िशा में तमाचा, जमशेदपुर में क्या करें, दिल्ली में झूठ बोले कौआ काटे नाटक में बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड से नवाजी जा चुकी हैं.

तीस वर्षो से हैं कोलकर्मी
मिताली मुखर्जी ने 13 मई 1983 को कोल माइंस लेबर वेलफेयर डिपार्टमेंट ज्वाइन किया था. जनवरी 1987 से बीसीसीएल मुख्यालय में ऑफिस सुपरिटेंडेंट हैं. मिलनसार स्वभाव के कारण अपने सहयोगियों के बीच लोकप्रिय हैं.

महिलाओं से कहती हैं
कितनी भी परेशानी क्यों न आये उसका डट कर मुकाबला करें. आत्म निर्भरता के क्षेत्र में सक्रिय रहें. अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें. उनका सही मार्गदर्शन करें. महिलाएं एक दूसरे का सहयोग कर आगे बढें.

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