खदानों में प्रदूषण जांच के लिए लगी लेबोरेटरी

धनबाद: बीसीसीएल की खदानों में प्रदूषण जांच व मॉनिटरिंग के लिए मुख्यालय कोयला भवन में अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गयी है. इसका उद्घाटन सोमवार को सीएमपीडीअाइएल के सीएमडी एके देवनाथ ने किया. प्रयोगशाला सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन संस्थान लिमिटेड (सीएमपीडीआइएल) की छठी मंजिल पर लगायी गयी है. उद‍‍्घाटन अवसर पर श्री देवनाथ ने कहा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 29, 2015 8:31 AM
धनबाद: बीसीसीएल की खदानों में प्रदूषण जांच व मॉनिटरिंग के लिए मुख्यालय कोयला भवन में अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गयी है. इसका उद्घाटन सोमवार को सीएमपीडीअाइएल के सीएमडी एके देवनाथ ने किया. प्रयोगशाला सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन संस्थान लिमिटेड (सीएमपीडीआइएल) की छठी मंजिल पर लगायी गयी है. उद‍‍्घाटन अवसर पर श्री देवनाथ ने कहा कि लेबोरेटरी से पर्यावरणीय मानकों की जांच के साथ-साथ उसकी सही मॉनिटरिंग की जा सकेगी. कोयला खनन कार्य पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया गया है या नहीं, इसकी जांच हो पायेगी.
उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से मान्यता प्राप्त है. इससे बीसीसीएल की सभी परियोजनाओं में हवा, पानी व ध्वनि मानकों का विश्लेषण किया जा सकेगा. कहा कि गुणवत्ता व मात्रा के मामले में भू-जल स्तर की नियमित रूप से निगरानी भी हो सकेगी. इसकी रिपोर्ट हर छह महीने पर पर्यावरण, वन व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली को भेजा जायेगा. हालांकि कुछ उपकरणों की कमी के कारण प्रयोगशाला फरवरी माह से पूरी तरह काम करने लगेगी. मौके पर सीएमपीडीअाइएल के निदेशक वीके सिन्हा, बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी (परिचालन) डीसी झा, निदेशक तकनीकी (योजना व परियोजना) अशोक सरकार, निदेशक (कार्मिक) विनय कुमार पंडा के अलावे बड़ी संख्या में सीएमपीडीआइएल व बीसीसीएल के अधिकारी उपस्थित थे.
लेबोरेटरी में क्या होगा
कार्बन डाई ऑक्साइड, भूमि क्षरण की हद, ऊपर मिट्टी संरक्षण, रीसाइकलिंग व पानी ऊर्जा की खपत आदि की जांच होगी. मानकों में कमी की जानकारी बीसीसीएल को दी जायेगी. कचरे व प्रदूषण की मात्रा के लिए हर खदान को रेटिंग देकर इससे जुड़े कारकों की निगरानी की जा सकेगी. वहीं पीने के पानी और सतह के पानी की निगरानी के लिए हर छह महीने पर जांच की जायेगी.