अपराध. बाप-बेटे को शराब की थी लत, रोज होता था झगड़ा, घोंपा चाकू, पिता की हत्या कर बेटा फरार

धनबाद: बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के कलाली रोड विकास नगर (मटकुरिया) में बुधवार की सुबह देवेंद्र रजक (55) की हत्या उसके बेटे चंदर उर्फ बबलू (35) ने कर दी. घटना के बाद से बेटा फरार है. यह परिवार लोगों के कपड़े साफ करने और उस पर स्त्री करने के व्यवसाय से जुड़ा है. मृतक की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 14, 2016 10:02 AM
धनबाद: बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के कलाली रोड विकास नगर (मटकुरिया) में बुधवार की सुबह देवेंद्र रजक (55) की हत्या उसके बेटे चंदर उर्फ बबलू (35) ने कर दी. घटना के बाद से बेटा फरार है. यह परिवार लोगों के कपड़े साफ करने और उस पर स्त्री करने के व्यवसाय से जुड़ा है. मृतक की पत्नी के बयान पर पुलिस ने पुत्र चंदर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. पोस्टमार्टम के बाद मुहल्लेवासियों ने अंतिम संस्कार करा दिया. पोता बादल ने मुखाग्नि दी.
सुबह होते ही लगे थे झगड़ने : मृतक देवेंद्र की पत्नी कौशल्या देवी (48) ने बताया कि पिता व पुत्र दोनों शराब के आदी थे और हमेशा झगड़ा करते रहते थे. मंगलवार की शाम शराब पीने के बाद पिता ने दौड़ा-दौड़ा कर बेटे को पीटा था. आज सुबह आठ बजे फिर बाप-बेटे शराब पीकर झगड़ने लगे. वह बीच-बचाव करने गयी तो उसको भी मारने-पीटने लगे. भाग कर वह अपने पोते-पोतियों को लेकर छत पर चली गयी. आधा घंटा बाद मामला शांत देख कर नीचे आयी तो देखा कि पति खून से लथपथ बरामदे में नीचे बेहोश पड़ा है. खुून काफी बह रहा था.

शोर मचाने के बाद पड़ोसी पहुंचे तो देखा की देवेंद्र मृत पड़ा था और पुत्र चंदर नहीं था. सूचना पाकर बैंकमोड़ थाना प्रभारी अशोक कुमार पहुंचे और पूछताछ की. विकास नगर में रजक परिवार का तीनतल्ला मकान है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब पीकर हर रोज पिता व पुत्र के बीच झगड़ा होता था. दोनों के झगड़े से उनके कई किरायेदार परेशान होकर घर को छोड़ कर चले गये. मुहल्लेवासी भी परेशान थे.
हादसे में छोटा बेटा मरा, झगड़े में ही गयी थी बेटी की जान
देवेंद्र को दो पुत्र और एक पुत्री थी. दस वर्ष पूर्व छोटे पुत्र सोनू (8) की मटकुरिया में एक सड़क दुर्घटना में मौत हुयी थी. जबकि पुत्री खुशबू (तीन) की मौत घर में चौंकी से गिरकर हो गयी थी. उस वक्त भी दोनों लड़ रहे थे. पिता ने बेटे पर केस भी किया था. बेटा जेल गया था. बाद में सुलह हो गयी.कौशल्या देवी ने बताया वे लोग बिहार के लखीसराय से 30 वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में धनबाद आये थे. उसके बेटे चंदर को चार बेटी और एक बेटा है. झगड़े से तंग आकर बहू एक महीने से हजारीबाग मैके में है. बच्चे यहीं छोड़ गयी है. बच्चों का कहना है कि दादा अकसर शराब पीकर दादी और हम लोगों को पीटते रहते थे.