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रॉ मैटेरियल बाहर नहीं ले जाने देंगे: ददई दुबे

धनबाद: एसोसिएट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचेम) और जिला चेंबर की ओर से ‘कोयला उद्योग में नयी संभावनाओं’ विषय पर गुरुवार को कम्युनिटी हॉल कोयला भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें उद्योग जगत की समस्या व उसके निराकरण पर चर्चा की गयी. सूबे के ग्रामीण विकास, पंचायती राज, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 27, 2013 10:20 AM

धनबाद: एसोसिएट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचेम) और जिला चेंबर की ओर से ‘कोयला उद्योग में नयी संभावनाओं’ विषय पर गुरुवार को कम्युनिटी हॉल कोयला भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें उद्योग जगत की समस्या व उसके निराकरण पर चर्चा की गयी. सूबे के ग्रामीण विकास, पंचायती राज, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री ददई दुबे ने मंच से एलान किया कि मेरे लायक जो भी सेवा हो बेझिझक कहिए.

आपके लिए हमेशा तैयार हूं. हमारे पास सब कुछ है. यहां की खनिज संपदा व रॉ मैटेरियल का उपयोग यहां की इंडस्ट्रीज में किया जाता तो झारखंड सबसे संपन्न राज्य बनता. लेकिन दूसरे राज्य की कंपनियां एमओयू कर यहां से रॉ मैटेरियल ले जा रही है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. बाहर से जो उद्योगपति यहां कारखाना लगायेंगे उन्हें ही रॉ मैटेरियल दिया जायेगा. ऐसे रॉ मैटेरियल को बाहर नहीं जाने देंगे. यहां उद्योगपतियों की कमी नहीं है. लेकिन लाचार व परेशान हैं. उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रहीं.

झरिया नहीं उजड़ने दूंगा : जब तक मैं जीवित रहूंगा झरिया को नहीं उजड़ने दूंगा. मेरे मरने के बाद ही झरिया उजड़ेगी. कार्यशाला में सीएमपीडीआइएल के क्षेत्रीय निदेशक विजय कुमार सिन्हा ने कोल वाशिंग इंवेस्टर पर प्रजेंटेशन दिया. आइएसएम पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो गुरदीप सिंह ने प्रदूषण रोकने के साथ मॉनेटरी बेनीफिट की जानकारी दी. मंच का संचालन केके श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन लघु भारती के अध्यक्ष योगेंद्र तुलस्यान ने किया. मौके पर जिला चेंबर महासचिव राजेश गुप्ता, कार्यक्रम के संयोजक दीपक कुमार दीपू, विजय तुलस्यान, राजेश अग्रवाल,संजय गोयल, अशोक भट्टाचार्या, ओम प्रकाश शर्मा, राजेश रिटोलिया, राजेश दुदानी सहित काफी संख्या में उद्योगपति उपस्थित थे.

नहीं आये बीसीसीएल सीएमडी
कार्यशाला में बीसीसीएल सीएमडी व टेक्निकल निदेशक आमंत्रित थे. लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. उनके नहीं आने से उद्योगपतियों में थोड़ी निराशा थी. लेकिन सूबे के मंत्री ददई दुबे के एलान के बाद उद्योगपतियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी.

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