न मान्यता, न बंदी की कार्यवाही

धनबाद: गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए आया लगभग 192 आवेदन डीएसइ कार्यालय में धूल फांक रहे हैं. आवेदन लेने एवं संबंधित बीइइओ से जांच कराने के बाद मामले में विभाग कोई कार्यवाही होती नहीं दिख रही है. प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री जयंत चौधरी ने किया है […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 10, 2014 10:25 AM

धनबाद: गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए आया लगभग 192 आवेदन डीएसइ कार्यालय में धूल फांक रहे हैं. आवेदन लेने एवं संबंधित बीइइओ से जांच कराने के बाद मामले में विभाग कोई कार्यवाही होती नहीं दिख रही है.

न स्कूलों को मान्यता ही दी जा रही है और न ऐसे स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई ही हो रही है. उल्लेखनीय है कि सीबीएसइ व आइसीएसइ बोर्ड से मान्यता प्राप्त अच्छे निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए हजारों बच्चों के आवेदन आते हैं. सीटें कम होने के कारण करीब 30 फीसदी बच्चे ही नामांकन ले पाते हैं.

ऐसे में नामांकन से वंचित बच्चे अपने आसपास के गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एडमिशन कराते हैं. इस तरह बच्चों की एक बड़ी आबादी गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर निर्भर है. इन स्कूलों में पढ़ाई का स्तर क्या है और वे कुछ जरूरी मानक पूरे करते हैं या नहीं. इसके लिए 31 मार्च 2013 तक स्कूलों को मान्यता मिल जाना था एवं मान्यता नहीं रखने वाले स्कूल बंद होने थे.

Next Article

Exit mobile version