धनबाद: आइआइटी आइएसएम तेल व गैस उत्पादन पर कार्य करने वाली सिंगापुर की प्रतिष्ठित कंपनी टेलोस्टो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर शोध करेगा. इसके लिए सोमवार को संस्थान मेें एमओयू किया गया. यह जानकारी संस्थान के पेट्रोलियम विभाग के प्रो. राजीव उपाध्याय ने दी. उन्होंने बताया कि इस एमओयू से दोनों संस्थानों को शोध में काफी लाभ होगा.
कई विवि के साथ खनन व ऊर्जा के क्षेत्र में काम : आइआइटी आइएसएम ने खनन व ऊर्जा के क्षेत्र में कई विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिल कर काफी कार्य किया है. वर्तमान में कई कार्य जारी हैं. इससे पहले वेदांता, हिंदुस्तान जिंक तथा अदानी के साथ शोध व विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के लिए संस्थान का एमओयू हो चुका है. संस्थान आस्ट्रेलिया के विभिन्न नामी यूनिवर्सिटी के साथ मिल कर शोध व अन्य क्षेत्र में काम कर रही है. हाल में संस्थान को माइनिंग इंजीनियरिंग में क्यूएस इंटरनेशनल रैकिंग 24 मिली है.
क्या होगा इसमें
एमओयू के तहत गैस व पेट्रोलियम के क्षेत्र में अधिकतम सुरक्षित खनन करने की तकनीक पर रिसर्च किया जायेगा. दोनों संस्थान मिलकर शोध का पेटेंट भी करायेंगे. इससे आइआइटी (आइएसएम) को फंडिंग तथा शोध कार्य में काफी मदद मिलेगी. टेलोस्टो एनर्जी को देश की नामी तकनीकी संस्थान आइआइटी (आइएसएम) के साथ मिल कर शोध करने में मदद मिलेगी. एमओयू के अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. डीसी पाणिग्रही, पेट्रोलियम विभाग के विभागाध्यक्ष वीपी सिंह, प्रो. राजीव उपाध्याय, डीन (आर एंड डी) विष्णु प्रिय, डीन प्रो. एके मिश्रा, विभाग के प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. आशुतोेष के अलावा टेलोस्टो एनर्जी से कंपनी के निदेशक राजेश्वरन दंडापाणी, सीइओ बालाजी चेन्नाकृष्णन थे.