नीरज सिंह हत्याकांड कैसे गोली मारी, कैसे भागे, बताया अमन ने

धनबाद: पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या में गिरफ्तार शूटर अमन सिंह को सरायढेला पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के रिमांड पर लिया. उससे पूछताछ की जा रही है. अमन ने नीरज सिंह हत्याकांड में प्राय: पुरानी बातें ही दोहरायी हैं. पुलिस उससे अन्य शूटरों और विधायक संजीव सिंह की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 17, 2017 7:50 AM

धनबाद: पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या में गिरफ्तार शूटर अमन सिंह को सरायढेला पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के रिमांड पर लिया. उससे पूछताछ की जा रही है. अमन ने नीरज सिंह हत्याकांड में प्राय: पुरानी बातें ही दोहरायी हैं. पुलिस उससे अन्य शूटरों और विधायक संजीव सिंह की भूमिका के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास कर रही है. सरायढेला थाना प्रभारी निरंजन तिवारी सहित अन्य वरीय पुलिस अधिकारी पूछताछ में जुटे हैं. पुलिस ने मंगलवार को अपराह्न दो बजे अमन को जेल से रिमांड पर लिया. सोमवार को जेल डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण अमन को रिमांड पर नहीं लिया जा सका था.

17 को आया था धनबाद : अमन सिंह ने पुलिस को बताया कि वह वारदात के चार दिन पहले 17 मार्च को धनबाद आया था. नीरज सिंह की हत्या 21 मार्च को स्टील गेट के निकट की गयी थी. झरिया से ही नीरज सिंह की रेकी की जा रही थी. स्टील गेट के स्पीड ब्रेकर के पास जैसे ही गाड़ी आयी तो शूटर मोनू ने पहली गोली ड्राइवर घोलटू को मारी. गाड़ी रूक गयी. मेरे दो साथी विजय और सतीश गाड़ी की बायीं तरफ से नीरज सिंह पर गोलियां बरसाने लगे.

उसके बाद मैं भी बाइक से उतर कर अंधाधुंध फायरिंग करने लगा. लगातार गोली चलाने के बाद जब हम लोगों को लगा कि सभी मर चुके हैं तो मोनू ने अंतिम गोली नीरज सिंह की कनपट्टी पर सटाकर मारी और उसके बाद वहां से चलते बने.

पुलिस अमन को गोविंदपुर की तरफ ले गयी और उससे भागने का पूरा रास्ता पूछा. अमन ने पुलिस को बताया कि मारने के बाद चारों शूटर बाइक से गोविंदपुर के रास्ते हाइवे पर निकले. हाइवे में एक स्थान पर पहुंच कर उन्होंने ऑटो का सहारा लिया और वहां से बंगाल चला गया. बंगाल इंट्री करने के पहले उन लोगों ने ऑटो बदल लिया था. आसनसोल स्टेशन के पास पंकज बिना नंबर के सफेद फार्चुनर गाड़ी के साथ खड़ा था. चारों लोगों ने अपने-अपने हथियार पंकज के हवाले कर दिया. उसके बाद हम सभी चारों अलग-अलग रास्ते से निकल गये.