Dhanbad News : आइआइटी आइएसएम में शनिवार को इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट इंटरैक्शन- 2025 (आइआइआइ-2025) के तहत खनन, ऊर्जा और स्थिरता के भविष्य को लेकर एक कार्यशाला आयोजित की गयी. टेक्समिन के सहयोग से पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और शोधकर्ता शामिल हुए. कार्यक्रम में स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, टकराव रोकथाम प्रणाली, ग्रीन एनर्जी और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया. इसके साथ ही आरएंडडी फेयर का आयोजन हुआ, जिसमें आइआइटी आइएसएम के शोधकर्ताओं ने अपनी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया. कई उद्योगों के साथ एमओयू और आशय पत्रों पर हस्ताक्षर कर उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की घोषणा भी की गयी. मुख्य अतिथि डॉ बीवीआर मोहन रेड्डी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर जोर दिया. अतिथियों में प्रो अमित पात्रा, अजीत सक्सेना और प्रो. एके मिश्रा ने भी क्रिटिकल मिनरल्स, स्मार्ट माइनिंग और शोध परियोजनाओं पर विचार साझा किया.
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