डकैती के आठ साल पुराने मामले में एक को सात साल की सजा
गोपीकांदर के कुंडापहाड़ी में हुई थी घटना... दुमका : द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार की अदालत ने डकैती से संबंधित आठ साल पुराने मामले में शनिवार को एक आरोपित को सात साल के कारावास की सजा सुनायी है. उसे आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर […]
गोपीकांदर के कुंडापहाड़ी में हुई थी घटना
दुमका : द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार की अदालत ने डकैती से संबंधित आठ साल पुराने मामले में शनिवार को एक आरोपित को सात साल के कारावास की सजा सुनायी है. उसे आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर आरोपित को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय ने अपने फैसले में जुर्माने की राशि दस हजार रूपये में से आठ हजार रूपया सूचक को देने का आदेश दिया है. इस मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार साह और बचाव पक्ष की ओर से केके स्वामी ने पैरवी की और बहस में हिस्सा लिया.
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से न्यायालय में 9 गवाह पेश किये गये थे. अपर लोक अभियोजक श्री साह से मिली जानकारी के अनुसार न्यायालय द्वारा गोपीकांदर कांड संख्या 14/2009 और सत्र वाद संख्या-100/011 में भादवि की धारा 395 के तहत दोषी पाकर आरोपी भरत हेम्ब्रम के विरूद्ध उक्त सजा सुनायी गयी है. श्री साह ने बताया कि गोपीकांदर थाना क्षेत्र के कुण्डापहाड़ी गांव में राम नरेश भगत की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक सूचक राम नरेश भगत कुण्डापहाड़ी गांव में मकान बनाकर अपने परिवार के साथ रहते थे और दुकान भी चलाते थे. 3 जुलाई 2009 को रात्रि के करीब 9 बजे सभी लोग खाना खाकर सो गये. इसके बाद रात्रि के करीब 12.30 तीन-चार अपराधी गेट का बांस हटाकर घर में प्रवेश किया और टाॅर्च मार कर चुपचाप बैठ रहने और छुरा मार देने की धमकी देने और पैसे की मांग करने लगे. अपराधियों ने मोटरसाइकिल का चाबी और मोबाइल फोन छीन ली. बिछावन पर रखा नौ सौ रुपये भी ले लिया. इसके बाद अपराधी उनके पुत्र राजीव भगत के कमरे में घूस कर उसके स्टील का बक्सा व नकदी तीन हजार रुपया सहित कीमती कपड़़ा व मोटरसाइकिल आदि ले लिया. 12 से 35 वर्ष के आयुवाले 10 अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया था. अपराधियों ने करीब डेढ़ घंटे तक सूचक के घर में लूटपाट की और लगभग 40 हजार रुपये की सम्पत्ति लूट लिया था तथा भागने में सफल रहे थे. पुलिस अनुसंधान के क्रम में गिरफ्तार आरोपित भरत हेम्ब्रम की टीआइ परेड में पहचान की गयी थी.
