हमारी पहचान का दूसरा नाम है हिन्दी
सूचना भवन परिसर में परिचर्चा व काव्य संगोष्ठी का आयोजन, बोले आयुक्त... दुमका : हिन्दी दिवस पर बीते शाम सूचना भवन परिसर एक परिचर्चा एवं काव्य संगोष्ठी आयोजित की गयी. हिन्दी के उपयोग को अपनी पहचान से जोड़ने की अपील मुख्य अतिथि आयुक्त बालेश्वर सिंह ने की. श्री सिंह ने कहा कि अपने कामकाज में […]
सूचना भवन परिसर में परिचर्चा व काव्य संगोष्ठी का आयोजन, बोले आयुक्त
दुमका : हिन्दी दिवस पर बीते शाम सूचना भवन परिसर एक परिचर्चा एवं काव्य संगोष्ठी आयोजित की गयी. हिन्दी के उपयोग को अपनी पहचान से जोड़ने की अपील मुख्य अतिथि आयुक्त बालेश्वर सिंह ने की. श्री सिंह ने कहा कि अपने कामकाज में अधिक से अधिक हम हिन्दी का उपयोग करें. समारोह में हिन्दी साहित्य के ख्याति प्राप्त साहित्यकार स्वर्गीय सतीश चंद्र झा, स्वर्गीय सुमन सूरो, स्वर्गीय बाबूलाल मुर्मू आदिवासी को मरणोपरांत स्मृति सम्मान एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया.
स्वर्गीय सतीश चंद्र झा की पत्नी चम्पा देवी, स्वर्गीय सुमन सूरो के पुत्र राजीव लोचन झा एवं स्वर्गीय बाबूलाल मुर्मू आदिवासी के पौत्र अनुराग मुर्मू ने यह सम्मान ग्रहण किया. सभा में डाॅ प्रमोदिनी हांसदा ने कहा कि दुमका की धरती साहित्य सृजन की धरती है. युवा साहित्यकारों से उन्होंने खूब और बेहतर लिखने की अपील की.
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि हिन्दी के उपयोग से हम स्वयं को सहज और हिन्दी के उपयोग से हम अपने को अपनी परम्पराओं से जुड़ा हुआ देखते हैं. पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि हिन्दी सबको जोड़ती है. हम हिन्दी को टूटने नहीं दें. नगर पर्षद अध्यक्ष अमिता रक्षित ने कहा कि गैर हिन्दी भाषियों द्वारा हिन्दी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है यह अच्छी बात है. प्रो अमरेन्द्र सिन्हा ने कहा कि सरल हिन्दी का उपयोग आवश्यक है. प्रो खिरोधर यादव ने कहा कि हिन्दी का प्रश्न देश का प्रश्न है. चतुर्भुज नारायण मिश्र ने कहा कि विभिन्न बोलियों के प्रचलित शब्दों से हिन्दी को समृद्ध करने की आवश्यकता है. जिला पंचायती राज पदाधिकारी शिवनारायण यादव ने कहा कि जबतक सरकारी कामकाज में हिन्दी के उपयोग की अनिवार्य नहीं किया जायेगा तबतक समस्या जटिल बनी रहेगी. इस अवसर पर डीइओ धर्मदेव राय, वरिष्ठ साहित्यकार डा रामवरण चौधरी, शांतिनिकेतन से आये डा रामचन्द्र राय ने भी अपने विचार प्रकट किये. विषय प्रवेश उप निदेशक जनसम्पर्क अजय नाथ झा ने किया तथा राजभाषा के उप निदेशक नेलसन एयोन बागे ने सबके प्रति आभार प्रकट किया. कार्यक्रम के संयोजन में राजभाषा अनुदेशक सुनील कुमार झा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अवसर पर हिन्दी एवं संताली में सुरेन्द्र नारायण यादव, झुमरी सोरेन, प्रेमलता हेम्ब्रम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी.
सभा में बड़ी संख्या में कवि, लेखक, साहित्यकारों, पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया. जिनमें अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह, गोपेश्वर झा, राघवेन्द्रनाथ पाण्डेय, प्रो वाणी सेन गुप्ता, छाया गुहा, अनन्तलाल खिरहर, अजय कुमार गुप्ता, बामा यादव, सिंहासनी कुमारी, विद्यापति झा, अंजनी शरण, सौरभ सिन्हा, संजय सुमन, मदन कुमार, मनोज कुमार घोष, स्मिता आनन्द, अलख नन्दन मंडल, मिहिर चटर्जी आदि उपस्थित थे.
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