पारा गिरा, दुमका में ठंड बढ़ी

ठंड . मौसम ने बदला रूख, घने कोहरे के बीच हुई सुबह की शुरुआत दिसंबर माह के पहले सप्ताह में मौसम ने करवट बदली है. उपराजधानी का पारा लुढ़क गया है. ठंड के साथ-साथ रविवार की सुबह कोहरे की चादर से ढकी थी. हालांकि जिलेवासियों ने मौसम का लुत्फ उठाया, लेकिन मजदूर वर्ग के लोगों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

ठंड . मौसम ने बदला रूख, घने कोहरे के बीच हुई सुबह की शुरुआत

दिसंबर माह के पहले सप्ताह में मौसम ने करवट बदली है. उपराजधानी का पारा लुढ़क गया है. ठंड के साथ-साथ रविवार की सुबह कोहरे की चादर से ढकी थी. हालांकि जिलेवासियों ने मौसम का लुत्फ उठाया, लेकिन मजदूर वर्ग के लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा
दुमका : उपराजधानी दुमका में रविवार को सुबह के नौ बजे तक घना होरा छाया रहा. कोहरे के साथ-साथ तेज हवा चलने से तापमान में काफी गिरावट आयी है. सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलने वालों ने इस मौसम में पहली बार ऐसा कोहरा व ठंड महसूस किया. सुबह-सुबह कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम रही. ऐसे में सड़क पर गाड़ियां रेंगती नजर आयीं. मौसम पूर्वानुमान में भी शुक्रवार को कहा गया था कि दुमका सहित आसपास के क्षेत्र में बुधवार तक अधिकत्तम व न्यूनत्तम तापमान में गिरावट होगी.
यानी रात के वक्त पारा तो गिरेगा ही, दिन में भी लोग हल्के ठंड का अहसास करेंगे. हालांकि राहत वाली बात यह रही कि दिसंबर महीने के पहले सप्ताह के दौरान अब तक हाड़ कंपकपाने वाली ठंड नहीं पड़ी है.
रविवार की सुबह उपराजधानी की सड़कों का हाल. फोटो। प्रभात खबर
अब ऊनी वस्त्रों के बाजार में आयेगी रौनक
ठंड नहीं गिरने की वजह से दुकानदार भी परेशान थे. ऊनी वस्त्रों के स्टॉक दुकानों में जस के तस रखे हुए थे. व्यवसायियों का मानना था कि जिसे तरह से मौसम ने करवट ली है, उससे दो-चार दिन में उनी वस्त्रों की बिक्री में काफी तेजी आयेगी. नोटबंदी के भी संकट से धीरे-धीरे लोग उबरने लगे हैं. ऐसे में बाजार में भी रौनक लौटने की उम्मीद है.
रिक्शा-ठेला चलानेवालों को हो रही मुश्किल
ठंड बढ़ने की वजह से बस पड़ाव तथा मंडियों में रात गुजारने को मजबूर रिक्शा-ठेला चालकों की परेशानी बढ़ गयी है. अब तक सरकारी स्तर पर कंबल बांटने का भी अभियान शुरु नहीं हुआ है. मेघु चालक नाम के रिक्शावाले ने बताया कि वे गांव से यहां आकर रिक्शा चलाते हैं. दस-बारह दिन बाद ही घर लौटते हैं. रात बस पड़ाव जैसी जगह पर ही गुजरती है. ठंड बढ़ गयी है. कंबल समय पर मिलता, तो बड़ी राहत मिलती.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >