अन्य राज्यकर्मियों की तरह शिक्षक संवर्ग को भी मिले एमएसीपी का लाभ
चरणबद्ध आंदोलन के तहत हस्ताक्षर महाअभियान चलाया गया. विभिन्न मांगों व मुद्दों को लेकर जामा प्रखंड मुख्यालय में ध्यानाकर्षण रैली निकाली गयी.
दुमका. झारखंड ऑफिसर्स टीचर्स एंड इम्प्लाइज फेडरेशन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के तहत हस्ताक्षर महाअभियान चलाया गया. विभिन्न मांगों व मुद्दों को लेकर जामा प्रखंड मुख्यालय में ध्यानाकर्षण रैली निकाली गयी. इस रैली के माध्यम से अन्य राज्यकर्मियों की भांति शिक्षक संवर्ग को भी एमएसीपी का लाभ देने, राज्य कर्मियों की सेवानिवृति की उम्र को विस्तारित करते हुए 62 वर्ष करने, केंद्रीय कर्मियों की भांति राज्य कर्मियों को भी शिशु शिक्षण भत्ता का लाभ देने की मांग की गयी. इससे जुड़ा ज्ञापन जामा के बीडीओ के माध्यम से मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव को भेजा गया. उपरोक्त तीन प्राथमिक मांगों के अलावा राज्य कर्मियों की एनपीएस में जमा राशि को वापस लाने हेतु सख्त कदम उठाने, समस्त राज्य कर्मियों को राज्य प्रशासनिक सेवा की सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान करने और यह परीक्षा प्रतिवर्ष आयोजित कराने की मांग रखी. इसके अतिरिक्त जनसेवक संवर्ग, अवर वन सेवा संवर्ग, विद्युतकर्मियों व अन्य संवर्गो की सेवा नियमावलियों में हुए गैर लाभकारी संशोधनों को वापस लिए जाने, बड़े शहरों की भांति छोटे शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित राज्यकर्मियों को भी परिवहन भत्ता का लाभ दिये जाने, 300 दिनों से अधिक अवकाश उपार्जित होने पर अवकाश के उपभोग की स्वीकृति प्रदान करने, लिपिक संवर्ग के लिए एक समान सेवा नियमावली लागू करने, योग्यताधारी चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को लिपिक संवर्ग में नियमित प्रोन्नति देने तथा संविदा व आउटसोर्सिंग बहाली की परिपाटी को खत्म करने की मांग की गयी. बीडीओ को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में राकेश कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार विश्वकर्मा, कल्याण जायसवाल, अनिल कुमार झा, अंगद कुमार बेदिया, पिंकी कुमारी, चमन करमाली, अगस्टीन बास्की आदि मौजूद थे.
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