धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में मकर की तैयारी जोरों पर है. पीठा बनाने के लिए धान सुखाने का काम जारी है. मकर में विशेष रूप से मांस पीठा, पुली पीठा और गुड पीठा बनाये जाते हैं.
झारखंड संस्कृति मानने वाले लोग बाउडी और मकर के दिन हर संभव मांस पीठा बनाते हैं. स्थानीय मान्यता के मुताबिक पुली पीठा मकर से पंचमी तक बनाये जाते हैं. यह भी मान्यता है कि परिवार में किसी का देहांत हो जाता है तो उस वर्ष पुली पीठा उस परिवार में नहीं बनाये जाते हैं. परिवार के सदस्यों को नये वस्त्र खरीदना पड़ता है. दुकानों और हाट बाजारों में ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है. जलाशयों के समक्ष मकर कुबां भी बनाये जा रहे हैं. मकर को लेकर बच्चों में भी उत्साह है. कई दिन मेला की धूम रहेगी.
