गजानंद फेरो कंपनी में भीषण आगजनी
धालभूमगढ़ : करोड़ों का नुकसान, पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर खाक धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के गजानंद फेरो प्राइवेट लिमिटेड कमदबेड़ा में शनिवार को पांच एमवीए के ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गयी. इससे करोड़ों रुपये के नुकसान होने की आशंका है. आगजनी में ट्रांसफॉर्मर जल कर खाक हो गया. तीन दमकलों की सहायता […]
धालभूमगढ़ : करोड़ों का नुकसान, पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर खाक
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के गजानंद फेरो प्राइवेट लिमिटेड कमदबेड़ा में शनिवार को पांच एमवीए के ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गयी. इससे करोड़ों रुपये के नुकसान होने की आशंका है. आगजनी में ट्रांसफॉर्मर जल कर खाक हो गया. तीन दमकलों की सहायता से आग पर काबू पाया गया. घटना में किसी मजदूर के झुलसने की सूचना नहीं है. घटना के समय मजदूर नास्ता करने के लिए गये थे.
ऊपरी तल्ले पर मौजूद थे सात मजूदर
ऊपरी तल्ले पर केवल सात मजदूर थे. मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी में आग लगने की यह चौथी घटना है. मजदूरों ने बताया कि पांच एमवीए के ट्रांसफॉर्मर में लगभग तीन माह से तेल गिर रहा था. प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण यह घटना हुई.
प्लांट में अग्निशमन की व्यवस्था नहीं
मजदूरों ने बताया कि प्लांट में अगिA शमन की कोई व्यवस्था नहीं है. मजदूर जान जोखिम में डाल कर फैक्टरी में काम करते हैं. कंपनी के आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी द्वारा जेसीबी बैक फिल्टर (प्रदूषण नियंत्रण मशीन) बीते तीन साल से नहीं चलाया जा रहा है. लोग प्रदूषण से प्रभावित हैं. खेतों में उत्पादन प्रभावित होने लगा है.काफी परेशानी हो रही है. कंपनी प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है.
अगलगी से प्रथम तल्ले पर स्थित ट्रांसफॉर्मर और अन्य सामग्रियां जल कर राख हो गयीं. इससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंक है. उत्पादन प्रबंधक, प्रबंधक, मालिक, शिफ्ट इंचार्ज से फैक्टरी में भेंट नहीं हुई. दूरभाष पर संपर्क करने से यह जानकारी मिली कि अगलगी से क्षति का आकलन किया जा रहा है. आकलन के बाद जानकारी दी जायेगी.
एक मजदूर घायल, साढ़े छह लाख का नुकसान, तहसीलदार ने किया क्षति का सव्रे
गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र में आंधी-बारिश से प्रभावितों की संख्या सव्रे के साथ बढ़ती ही जा रही है. आंधी-बारिश से जोड़सा पंचायत के छोलागोड़ा गांव में आतंग सिंह का पोल्ट्री फार्म ध्वस्त हो गया है. उस वक्त फार्म में 3, 300 मुर्गियां थीं. दब कर करीब तीन हजार मुर्गियां मर गयी.
करीब तीन सौ मुर्गियां बची हैं, जिसे बाद में मलवे से बाहर निकाला गया. फार्म के ध्वस्त होने से छोलागोड़ा का एक मजदूर सोमनाथ सिंह भी दब गया था. इससे वह घायल हो गया. यहां 14 मजदूर काम करते हैं. फार्म के ध्वस्त होने से वे भी बेकार हो गये हैं.
आतंग सिंह ने बताया कि करीब साढ़े चार लाख की मुर्गियां मरी है और करीब दो लाख का फार्म बर्बाद हो गया. फार्म में रखे सभी सामान भी नष्ट हो गये. फार्म मालिक के मुताबिक करीब साढ़े छह लाख से अधिक का नुकसान हुआ है.
ऋण लेकर फार्म खोला था. सब बर्बाद हो गया. शनिवार को अंचल विभाग के निर्देश पर तहसीलदार हाराधन मदिना पहुंचे और नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट बनायी. मौके पर जोड़सा के पंसस राखोहरी महतो और फार्म संचालक आतंग सिंह एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
