भगवान का एक दिन एक युग के समान होता है
चाकुलिया : चाकुलिया की गौशाला में आयोजित नौ दिवसीय भागवत कथा के आठवें दिन आचार्य धमेंद्र जी महाराज ने कहा कि भगवान चाहते हैं कि धर्मात्मा जागृत हों. भगवान धर्म के उद्धार के लिए समय-समय पर अवतार लेते रहे हैं. भगवान सिर्फ प्रेम हैं. प्रेम ही संपूर्ण पुरूषार्थ है. आचार्य ने कहा कि गोपियां भगवान की अभिन्न लीलाओं की पाठ पर नृत्य करती थी. इससे गोकुल धाम कृष्ण की भक्ति में डूब जाता था. आचार्य ने कृष्ण और सुदामा की मित्रता पर कथा कहते हुए कहा कि अपने मित्र का गौरव कैसे बढ़ाया जाये. इसकी प्रेरणा कृष्ण और सुदामा की मित्रता से सिखें. भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा को बिना मांगे ही सब कुछ दे दिया था.
उन्होंने कहा कि गाय और माता-पिता की पूजा करने की कोई निश्चित तिथि नहीं होती है. मनुष्य रोजाना ही गाय और अपने माता-पिता की पूजा करें. इससे मन को शांति मिलेगी. इस अवसर पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, गौशाला के अध्यक्ष पुरूषोत्तम दास झुनझुनवाला, विनोद सेक्सेरिया, जगपत तिवारी, रामाकांत सिंह, चंद्रदेव महतो, विनोद धनानिया, पवन अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, संजय लोधा, पवन गोयंका, आरपी सिंह समेत अन्य पुरुष और महिला उपस्थित थे.
