देश की ओर से तीन युद्ध लड़नेवाले तीर्थराज तिवारी का निधन, शोक

गढ़वा : देश के तीन महत्वपूर्ण लड़ाई में अपनी भागीदारी निभाने वाले गढ़वा प्रखंड के मरहटिया गांव निवासी पूर्व सैनिक तीर्थराज तिवारी (90 वर्ष)का सोमवार को उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया़ उनकी निधन के खबर मिलते ही भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी उनके गांव पहुंच कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया़ इसके अलावा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 4, 2018 8:11 AM
गढ़वा : देश के तीन महत्वपूर्ण लड़ाई में अपनी भागीदारी निभाने वाले गढ़वा प्रखंड के मरहटिया गांव निवासी पूर्व सैनिक तीर्थराज तिवारी (90 वर्ष)का सोमवार को उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया़ उनकी निधन के खबर मिलते ही भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी उनके गांव पहुंच कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया़
इसके अलावा काफी संख्या में लोगों ने पहुंच कर परिजनों के समक्ष संवेदना प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी़ एक वर्ष पूर्व दिवंगत तिवारी ने इस संवाददाता से बातचीत में बताया था कि 14 फरवरी 1957 को उनका चयन बी-ग्रेड ऑफ दी गार्ड में किया गया था़ इसके पश्चात 19 नवंबर 1957 को उनकी पहली पोस्टिंग हैदराबाद डेक्कन में हुई थी़
उस वक्त उनके लेफ्टिनेंट कर्नल जयपुर स्टेट के राज सिंह थे. दिवंगत तिवारी ने बताया था कि वर्ष 1962 में चीन के साथ हुई युद्ध में उनकी तैनाती ब्रह्मपुत्र नदी के समीप परशुराम कुंड कैंप में थी. जबकि 1965 की युद्ध में उनकी पोस्टिंग कंजरकोट में हुई थी, जहां उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मोर्चा में दुश्मन के साथ लड़े.
इसके बाद 1971 के युद्ध में उनकी पोस्टिंग जैखोर अंडरग्राउंड कैंप के समीप गौरीपुर में हुई, जहां उन्होंने अपने साथियों के साथ लड़ते हुए पाकिस्तानियों को वहां से खदेड़ दिया और उनके कई अफसरों को मार गिराया़ तीर्थराज तिवारी सन 1972 में सेवानिवृत्त हुए थे़ दिवंगत तिवारी ने एक वर्ष पूर्व प्रभात खबर के साथ बातचीत में कहा था के उन्हें अभी भी चश्मे की जरूरत नहीं है और वे अब भी गोली दागने में सक्ष्म हैं.
उनके निधन पर शोक व्यक्त करनेवालों में सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सह पूर्व सैनिक के जिला संयोजक अजय कुमार तिवारी, जितेंद्र कुमार मिश्रा,गोपाल दुबे, अभिमन्यु चौबे सहित कई लोगों का नाम शामिल है़