दार्जिलिंग : 25 फरवरी को मनेगी शहीद देवान की पुण्यतिथि
दार्जिलिंग : चुंगथुंग चाय बागान के पारिजात भवन में चुंगथुंग गोजमुमो विनय गुट की एक सभा आयोजित हुयी, जिसकी अध्यक्षता वीआर राई ने की. सभा में चुंगथुग, मेरीबुंग, तामसांग क्षेत्र के शाखा-प्रशाखा आदि के नेताओं एवं समर्थकों की भीड़ थी. राई ने कहा कि सभा में चाय श्रमिकों के हक और अधिकार की मांग को […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
दार्जिलिंग : चुंगथुंग चाय बागान के पारिजात भवन में चुंगथुंग गोजमुमो विनय गुट की एक सभा आयोजित हुयी, जिसकी अध्यक्षता वीआर राई ने की. सभा में चुंगथुग, मेरीबुंग, तामसांग क्षेत्र के शाखा-प्रशाखा आदि के नेताओं एवं समर्थकों की भीड़ थी.
राई ने कहा कि सभा में चाय श्रमिकों के हक और अधिकार की मांग को लेकर पिछले कुछ साल पहले वीआर देवान ने अपने प्राण की आहुति दी थी जिसको स्मरण करते हुये आगामी 25 फरवरी के दिन शहीद वीआर देवान की पुण्यतिथि मनायी जायेगी. पार्टी केन्द्रीय कमेटी के निर्देश पर आगामी 8 फरवरी को बलिदान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है.
आज की सभा में गोजमुमो केन्द्रीय कमेटी सदस्य सुजिन राई, महकमा समिति के प्रवक्ता संदीप छेत्री, युवा मोर्चा केन्द्रीय महासचिव अरूण छेत्री, समष्टि सचिव ललित तमांग, नारी मोर्चा कार्यकर्ता निर्मला तमांग, सरस्वती गुरुंग, श्रमिक संगठन के समष्टी अध्यक्ष सुक बहादुर गोले, सचिव सुमन थापा, राममणि जोशी आदि उपस्थित थे.
चुंगथुंग गोजमुमो समष्टी अध्यक्ष वीआर राई ने कहा कि 2017 में विनय तमांग और अनित थापा ने जो निर्णय लिया था, वह सही था. इसका प्रमाण रोशन गिरी के पत्र ने प्रमाणित कर दिया है. 2017 में भाषा के नाम पर आन्दोलन शुरू हुआ था, लेकिन विमल और रोशन ने उक्त आन्दोलन को गोर्खालैंड आन्दोलन का रंग दिया, जबकि गोर्खालैड आन्दोलन फर्जी था.
विमल और रोशन के आन्दोलन हिंसक थे जिसका विरोध करते हुये विनय तमांग और अनित थापा ने राज्य सरकार के साथ संबंध सुधारने का काम किया. उस वक्त विमल गुरुंग और रोशन गिरी ने विनय तमांग और अनित थापा को मीर जाफर आदि का उपनाम दिया था, लेकिन विनय तमांग और अनित थापा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गोर्खाओं की जातीय पहचान और राष्ट्रीय पहचान के बारे में समझाया था.
मुख्यमंत्री ने भी गोर्खाओं की जातीय पहचान और राष्ट्रीय पहचान के बारे में अच्छी तरह से समझा. कुछ दिनों पहले दार्जिलिंग के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता ने गोर्खाओं की जातीय पहचान और राष्ट्रीय पहचान की समस्या का समाधान करने की बात कही है. आज की सभा को सुजिन राई, युवा मोर्चा महासचिव अरूण छेत्री आदि ने भी संबोधित किया.
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