धनीमंडरा के ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार की घोषणा की

गांव जाने के लिए सड़क नहीं बनने से नाराज हैं ग्रामीण... गांव की आबादी है 1000 भवनाथपुर : सरकार की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण पंडरिया पंचायत का धनीमंडरा गांव आजादी 72 साल बीतने के बावजूद आवागमन से नहीं जुड़ पाया है. करीब 1000 की आबादीवाला यह गांव मुख्य पथ से तीन किमी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 16, 2019 12:35 AM

गांव जाने के लिए सड़क नहीं बनने से नाराज हैं ग्रामीण

गांव की आबादी है 1000
भवनाथपुर : सरकार की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण पंडरिया पंचायत का धनीमंडरा गांव आजादी 72 साल बीतने के बावजूद आवागमन से नहीं जुड़ पाया है. करीब 1000 की आबादीवाला यह गांव मुख्य पथ से तीन किमी अंदर स्थित है. यहां के लोगों को अपने घर आने-जाने के लिए पगडंडी और उबड़-खाबड़ पथरीली रास्ते का सहारा लेना पड़ता है.
गांव में जाने के लिए सड़क नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है. ग्रामीणों ने एक बैठक कर इस बार के चुनाव में किसी भी नेता के पक्ष में मतदान नहीं करने की घोषणा की.
ग्रामीण सुनील पासवान, सर्वेश पासवान, शिवपारस कुमार, रामनाथ पासवान, उमेश महतो, उपेंद्र बियार, बिनोद पासवान, प्रदीप महतो, लालबहादुर, अनीता देवी, रुदनी देवी, उषा देवी, चांदनी देवी, संतरा देवी, रंभा देवी, तारा देवी, उर्मिला देवी, धर्मजीत, श्रीकांत आदि ने कहा कि जिस उम्मीद के साथ इस गांव की जनता ने वर्तमान विधायक और सांसद को वोट देकर जिताया था, उस पर वे खरा नहीं उतरे.
विकास के नाम पर दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने इस गांव के लोगों को ठगने का काम किया है, जबकि पिछले चुनाव में विधायक और सांसद ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान अपने पक्ष में मतदान कर चुनाव जितने पर गांव के लिए पक्की सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था.
लेकिन इन दोनों नेताओं का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी अभी तक उनके गांव में सड़क बनाने के लिये कोई पहल नहीं हुई. आक्रोशित ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनके गांव में सड़क नहीं बन जाता है, तब तक वे लोग वोट का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे.