गढ़वा. झामुमो के केंद्रीय सचिव मिथिलेश ठाकुर ने कहा है कि पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन ही झारखंड का महत्वपूर्ण पर्व करमा भी है. इसलिए प्रधानमंत्री को उस दिन स्कूली बच्चों को संबोधित करने के साथ ही आदिवासियों के करमा पूर्व का भी सम्मान करना चाहिए. श्री ठाकुर ने एक विज्ञप्ति के जरिये प्रधानमंत्री को नसीहत देते हुए कहा है कि इससे झारखंड के आदिवासियांे को सम्मान मिलेगा. करमा आदिवासियों की संस्कृति का पर्व है. जहां शिक्षक दिवस डॉ राधाकृष्णन के जन्मदिन पर मनाया जाता है, वहीं करमा का पूर्व प्रकृति के पूर्व के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने बच्चों के संबोधन में जल, जंगल व जमीन विषय पर भी बात रखने की नसीहत दी.
करमा को भी महत्व दें : मिथिलेश
गढ़वा. झामुमो के केंद्रीय सचिव मिथिलेश ठाकुर ने कहा है कि पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन ही झारखंड का महत्वपूर्ण पर्व करमा भी है. इसलिए प्रधानमंत्री को उस दिन स्कूली बच्चों को संबोधित करने के साथ ही आदिवासियों के करमा पूर्व का भी सम्मान करना चाहिए. श्री ठाकुर ने एक विज्ञप्ति के जरिये […]
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है