बीमार विश्वनाथ कोरवा ने दम तोड़ा

24जीडब्ल्यूपीएच4- घर के पास पड़ा विश्वनाथ कोरवा का शव धुरकी(गढ़वा). धुरकी प्रखंड के खाला गांव निवासी विश्वनाथ कोरवा (55 वर्ष) क ी मौत गुरुवार की रात हो गयी. समाचार के अनुसार विश्वनाथ को एक महीना पहले लकवा मार दिया था. इसके बाद उसने संगबरिया गंाव में एक निजी क्लिनिक में इलाज कराया था. गांव के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 24, 2015 7:04 PM

24जीडब्ल्यूपीएच4- घर के पास पड़ा विश्वनाथ कोरवा का शव धुरकी(गढ़वा). धुरकी प्रखंड के खाला गांव निवासी विश्वनाथ कोरवा (55 वर्ष) क ी मौत गुरुवार की रात हो गयी. समाचार के अनुसार विश्वनाथ को एक महीना पहले लकवा मार दिया था. इसके बाद उसने संगबरिया गंाव में एक निजी क्लिनिक में इलाज कराया था. गांव के लोगों ने चंदा कर उसे इलाज के लिए भेजा था. लेकिन आगे उसके इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं थे. साथ ही बहुत दिन से घर में अनाज नहीं रहने से खाने की भी समस्या थी. इस बीच उसकी मौत हो जाने से ग्रामीण इसे प्रशासनिक उदासीनता बता रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि विश्वनाथ ने10-12 दिन मनरेगा में काम किया था. उसकी मजदूरी भी उसे नहीं मिली थी. पिछले 21 जुलाई 2014 के बाद से अनाज भी नहीं मिला था. कई लोगों ने विश्वनाथ की मौत का कारण भूख बताया है. मौत की सूचना के बाद ग्रामीणों ने चंदा कर विश्वनाथ का दाह-संस्कार किया. झाविमो के प्रखंड अध्यक्ष रामाशंकर जायसवाल ने अपनी ओर से कफन खरीद कर दिया. इस संबंध में बीडीओ इजे लकड़ा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे विश्वनाथ कोरवा की मौत की जांच के लिए पंचायत सेवक एवं रोजगार सेवक को गांव भेंजेगे. मृतक के परिजन को पारिवारिक लाभ योजना से 20 हजार रुपये एवं 35 किलो अनाज दिया जायेगा. साथ ही उसकी पत्नी को वृद्धा पेंशन एवं इं२दिरा आवास भी प्रदान किया जायेगा.

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