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ओके…पुणे में बंधक हैं खरौंधी के दो बच्चे

अोके…पुणे में बंधक हैं खरौंधी के दो बच्चे अमरोरा गांव से 16 बच्चों को नौकरी का झांसा देकर ले जाया गया था. पुणे एक ठेकेदार के हाथों 80 हजार रुपये में बेच दिया गया था बच्चों को. 14 बच्चे वहां से भाग निकलने में सफल रहे.16जीडब्ल्यूपीएच2-जानकारी देते हुये मोतीचंदभवनाथपुर (गढ़वा). खरौंधी थाना क्षेत्र के अमरोरा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 16, 2015 7:13 PM

अोके…पुणे में बंधक हैं खरौंधी के दो बच्चे अमरोरा गांव से 16 बच्चों को नौकरी का झांसा देकर ले जाया गया था. पुणे एक ठेकेदार के हाथों 80 हजार रुपये में बेच दिया गया था बच्चों को. 14 बच्चे वहां से भाग निकलने में सफल रहे.16जीडब्ल्यूपीएच2-जानकारी देते हुये मोतीचंदभवनाथपुर (गढ़वा). खरौंधी थाना क्षेत्र के अमरोरा गांव के दो बच्चे दो महीने से पुणे में एक ठेकेदार के यहां बंधक बने हुए हैं. यद्यपि इस गांव के 16 बच्चे उक्त ठेकेदार के यहां बंधक बने हुए थे. लेकिन इनमें से 14 बच्चे किसी तरह वहां से ठेकेदार को चकमा देकर भाग निकलने में सफल रहे हैं. जो बच्चे अभी तक वहां बंधक बने हुए हैं, उनमें टुन्नु कुमार एवं छोटू कुमार के नाम शामिल हैं. दुर्गा पूजा के पूर्व टाउनशिप के पप्पू खां नामक एक दलाल अमरोरा गांव पहुंच कर इन बच्चों को मुंबई की एक कंपनी में अच्छी नौकरी दिलाने की बात कह कर उन्हें अपने साथ ले गया था. लेकिन उक्त दलाल ने मुंबई की बजाय पुणे के मंडल नामक ठेकेदार के पास ले जाकर उन सभी लड़कों को सौंप दिया. इसके एवज में ठेकेदार द्वारा पप्पू को 80 हजार रुपये दिये गये थे, जिसमें से पप्पू उन सभी को मात्र पांच-पांच सौ रुपये देकर वह वहां से निकल गया. ठेकेदार उन सभी को महाराष्ट्र के पुणे के पास कपरौल नामक गांव ले जाकर उनसे काम करवा रहा था. ठेकेदार उन लोगों को बंधक बना कर मजदूरी कराता था. वे लोग वहां से भाग न जायें, इसलिए उनलोगों के सारे कपड़ों को भी ठेकेदार द्वारा जब्त कर लिया गया था. जब कोई लड़का बीमार होता था, तब भी उसे काम करना पड़ता था. काम नहीं करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था. उक्त ठेकेदार के यहां टुन्नु कुमार एवं छोटू कुमार अभी भी बंधक हैं. इसको लेकर उनके अभिभावक काफी परेशान हैं. उन्होंने प्रशासन से इन दोनों बच्चों को मुक्त कराने की गुहार लगायी है.

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