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आदिम जनजातियों का अनशन शुरू

गढ़वा : भारतीय आदिम जनजाति परिषद द्वारा 18 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय पर मंगलवार से अनशन शुरू किया गया है. परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष उमाशंकर बैगा के नेतृत्व में शुरू किये इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिम जनजाति की महिलाएं व पुरुषों ने हिस्सा लिया. पहले दिन करीब चार घंटे तक जनजाति परिषद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 10, 2016 2:01 AM
गढ़वा : भारतीय आदिम जनजाति परिषद द्वारा 18 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय पर मंगलवार से अनशन शुरू किया गया है. परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष उमाशंकर बैगा के नेतृत्व में शुरू किये इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिम जनजाति की महिलाएं व पुरुषों ने हिस्सा लिया.
पहले दिन करीब चार घंटे तक जनजाति परिषद के जनजातियों ने समाहरणालय का मुख्य गेट जाम कर दिया. उसके बाद समाहरणालय में ही अनशन पर बैठ गये.
इस दौरान बोलते हुए उमाशंकर बैगा ने कहा कि पूरे जिले में मात्र दो आदिम जनजातियों को ऋण देना तय किया गया था. इनमें चिनिया प्रखंड के छतेलिया के विरेंद्र परहिया व रमकंडा सिसवा के जीमेदार सिंह खरवार को 2014 में ही ऋण देना था. लेकिन वनांचल ग्रामीण बैंक की ओर से इसे देने से इनकार किया जा रहा है. दो वर्ष से कई बार दौड़ाने के बाद भी स्वरोजगार के लिए ऋण नहीं उपलब्ध कराया गया. इसी तरह खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अनाज भी सभी जनजातियों को नहीं दिया जा रहा है. वन अधिकार अधिनियम के तहत वन पर आश्रित परिवारों को पट्टा देने में भी भेदभाव किया जा रहा है.
आंदोलन के माध्यम से राज्यपाल को 18 सूत्री मांगपत्र भेजा गया, जिसमें उपरोक्त के अलावा लंबित बिरसा आवास को पूरा करने आदिम जनजातियों के गांव एवं टोला में चापाकल लगाने, सभी व्यक्ति को पेंशन देने, सरकारी नौकरियों को सीधी नियुक्ति करने, सीएनटी एक्ट को कड़ाई से लागू करने आदि की मांग शामिल है. इस दौरान गढ़वा एसडीओ असिम किस्पोट्टा ने आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन समाचार लिखे जाने तक करीब 200 की संख्या में आदिम जनजाति समाहरणालय पर जमे हुए थे.
इस मौके पर विरेंद्र कुमार परहिया, रामजन्म परहिया, चंद्रिका परहिया, मानजीत कोरवा, प्रभु परहिया, अमीरा परहिया, सजीवन कोरवा, विरेंद्र परहिया, राकेश परहिया, शिव कुमार, मुन्ना परहिया, नगीना परहिया, शिवपूजन कोरवा आदि उपस्थित थे.

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