डायन प्रताड़ना के डर से महिला भटक रही रिश्तेदारों के घर, प्राथमिकी दर्ज

बिरनी/भरकट्टा : बिरनी थाना इलाके के चरगो की एक महिला ने अपने गोतिया के सात लोगों पर डायन कहकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. डर से महिला गांव छोड़कर रिश्तेदार के पास रह रही है. इस मामले को लेकर बिरनी थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 71/18) दर्ज की गयी है. पीड़िता का कहना है […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 29, 2018 7:26 AM
बिरनी/भरकट्टा : बिरनी थाना इलाके के चरगो की एक महिला ने अपने गोतिया के सात लोगों पर डायन कहकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. डर से महिला गांव छोड़कर रिश्तेदार के पास रह रही है. इस मामले को लेकर बिरनी थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 71/18) दर्ज की गयी है. पीड़िता का कहना है कि दो वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई है.
शादी के बाद से वह अपने ससुराल में रह रही है और किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी. इस बीच जनवरी 2018 में मेरे ससुराल के पुराने मकान में आग लग गयी. इस आगलगी के बाद मेरे ससुर के गोतिया के लोगों के घरों व कुछ स्थानों पर भी आग लगी. आग लगने की घटना के बाद मेरे पति के गोतिया की चार महिलाओं व तीन पुरुष ने कहना शुरू कर दिया कि आग लगने की घटना भूत-डायन की करतूत है.
कहने को तो हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, लेकिन आज भी कई जगहों पर अंधविश्वास और कुरीतियों ने जड़ें जमाकर रखी हैं, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में. कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ सरकार, प्रशासन तथा कई संगठनों की ओर से जागरूकता अभियान भी समय-समय पर चलाया जाता रहा है, इससे लोग जागरूक भी हुए हैं. इसके बावजूद कई ग्रामीण क्षेत्र आज भी अंधविश्वास और कुरीतियों से मुक्त नहीं हो पाये हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है बिरनी थाना इलाके के चरगो में.
बिरनी/भरकट्टा : बिरनी थाना इलाके के चरगो की एक महिला ने अपने गोतिया के सात लोगों पर डायन कहकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. डर से महिला गांव छोड़कर रिश्तेदार के पास रह रही है. इस मामले को लेकर बिरनी थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 71/18) दर्ज की गयी है. पीड़िता का कहना है कि दो वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई है. शादी के बाद से वह अपने ससुराल में रह रही है और किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी. इस बीच जनवरी 2018 में मेरे ससुराल के पुराने मकान में आग लग गयी. इस आगलगी के बाद मेरे ससुर के गोतिया के लोगों के घरों व कुछ स्थानों पर भी आग लगी. आग लगने की घटना के बाद मेरे पति के गोतिया की चार महिलाओं व तीन पुरुष ने कहना शुरू कर दिया कि आग लगने की घटना भूत-डायन की करतूत है.
बहू के साथ सास को भी किया जा रहा है प्रताड़ित
महिला का कहना है कि जनवरी माह में गोतिया के कुछ लोगों ने मेरे ससुर को घेर लिया और कहने लगे कि तुम्हारी बहू व पत्नी डायन है. इन दोनों ने गोतिया पर भूत सौंप दिया है. यही भूत आग लगवा रहा है. गोतिया के इन सातों लोगों ने मेरे ससुर को धमकी दी कहा कि ओझा-गुणी के पास अपनी पत्नी व बहू को ले जाकर झाड़-फूंक करवाओ और गांव से भूत भगाओ नहीं तो पूरे परिवार को जान से मारकर फेंक देंगे. मेरे ससुर डर गये और गोतिया के डर से इन सातों लोगों के साथ मुझे और मेरी सास को लेकर जमुआ थाना क्षेत्र के दुम्मा ले गये. यहां पर ओझा ने झाड़-फूंक की. यहां के बाद हमलोग घर लौट आये. इसके दो माह तक गांव में आग लगने की घटना रुक गयी.
पुन: हुई अगलगी तो काट लिया बाल-पल्लू
पीड़िता का कहना है कि दो माह के बाद गांव में पुन: कहीं-कहीं आग लगने की घटना फिर से होने लगी. इस आगलगी की घटना के बाद फिर से गोतिया के ये सातों लोग गांव के अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर हमें प्रताड़ित करने लगे. कभी बाल काट लिया जाता, कभी साड़ी का पल्लू काट लिया जाता तो कभी पंचायत कर मैला पिलाने की धमकी दी जाती. इस बीच झारखंडधाम के समीप स्थित भोलापुर गांव से मेरे गोतिया ने एक मौलाना को भी बुलाया. मौलाना से भी झाड़-फूंक करवायी गयी और मौलाना को कटा हुआ बाल तथा साड़ी का पल्लू दे दिया गया. इस दौरान गोतिया के लोगों ने बैठक की और मुझे मैला पिलाने व मैला पिलाने के बाद मुझे, मेरी सास व मेरे पति को मार देने की साजिश रची. प्लानिंग के तहत एक बोतल में मैला घोलकर रख लिया. इनलोगों की तैयारी थी कि सुबह मौका मिलते ही दोनों सास-बहू को पकड़ कर मैला पिला दिया जायेगा. इसकी भनक हमें लगी तो मैं अपने पति के साथ गांव छोड़कर भाग गयी और अपने रिश्तेदारों के यहां रहने लगी.
गंभीरता से हो रही है जांच : एसडीपीओ
मामले पर बगोदर-सरिया के एसडीपीओ दीपक शर्मा ने कहा कि अंधविश्वास में आकर कुछ लोगों द्वारा एक महिला व उसकी सास को डायन कहकर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कांड का अनुसंधान किया जा रहा है. इस मामले में जो भी लोग दोषी पायें जायेंगे उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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