सपना ही रहा कुंडलहारी-दोंदो नदी पर पुल
स्कूली बच्चों की परेशानी पर किसी की नजर नहींक्यों न बने चुनावी मुद्दागांडेय. प्रखंड के बड़कीटांड़ पंचायत भवन होकर दोंदो-कुंडलहारी जाने वाले रास्ते में जयंती नदी पर पुल स्थानीय ग्रामीणों का सपना ही बनकर रह गया. यह पगडंडी सभी जनप्रतिनिधियों की नजर से ओझल रही है. बरसात में यह पगडंडी पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती […]
स्कूली बच्चों की परेशानी पर किसी की नजर नहींक्यों न बने चुनावी मुद्दागांडेय. प्रखंड के बड़कीटांड़ पंचायत भवन होकर दोंदो-कुंडलहारी जाने वाले रास्ते में जयंती नदी पर पुल स्थानीय ग्रामीणों का सपना ही बनकर रह गया. यह पगडंडी सभी जनप्रतिनिधियों की नजर से ओझल रही है. बरसात में यह पगडंडी पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती है और बच्चे एक महीने तक स्कूल नहीं जा पाते हैं.क्या है परेशानी : बड़कीटांड़ पंचायत से सटे दोंदो-कुंडलहारी गांव के बीच से जयंती नदी गुजरती है. बड़कीटांड़ स्थित संत जोन ब्रिटो, निर्मला कन्या व बालिका विद्यालय में यहां के सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. बरसात में नदी पर पानी के आ जाने से स्कूली बच्चों समेत आम अवाम के आवागमन में परेशानी होती है. स्थानीय ग्रामीण इस नदी पर एक अदद पुल के लिए सालों से तरसते हैं.किसी ने नहीं उठायी आवाज : ऐसा नहीं है कि दोंदो-कुंडलहारी के बीच से गुजरती जयंती नदी पर पुल निर्माण का मामला प्रशासन की नजर में नहीं आया. मामले को स्थानीय मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व ग्रामीणों ने कई बार उठाया. लेकिन सांसद विधायक की पहल के अभाव में यह आवाज बुलंद नहीं हो सकी. क्या कहते हैं ग्रामीण : बड़कीटांड़ पंचायत के ग्रामीण मो. अनवर, मो. सलीम, सुमन कुजूर, सदानंद राणा, मो. शब्बीर, प्यारी सिंह, सीताराम सिंह, विमल टोपनो समेत कई ने पुल निर्माण को ले कई बार मामला उठाने की बात कही. मुखिया व पंसस ने भी मामले को ले आवाज उठायी, लेकिन प्रशासनिक पहल के अभाव में मामला अधर में लटक गया है.
