धनवार में पदस्थापित डॉक्टर गिरिडीह में प्रैक्टिस करते पकड़ाये
गिरिडीह : डीसी के निर्देश पर मंगलवार को गिरिडीह शहर के शास्त्रीनगर में डॉ गोविंद प्रसाद के क्लिनिक में छापेमारी की गयी. इस दौरान धनवार में पदस्थापित सरकारी चिकित्सक डॉ गोविंद प्रसाद निजी प्रैक्टिस करते पकड़े गये. आरोप है किडॉ प्रसाद ड्यूटी ऑवर में ही शास्त्रीनगर स्थित अपने आवासीय क्लिनिक में प्रैक्टिस किया करते थे. इस बात की सूचना पर उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने टीम का गठन किया.
एसडीओ के नेतृत्व में इस टीम ने शास्त्रीनगर स्थित उक्त क्लिनिक में दोपहर लगभग एक बजे छापा मारा. . छापामारी के दौरान कई अनियमितताएं पायी गयी हैं.
आरोप है कि क्लिनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन करते हुए क्लिनिक को लंबे समय से चलाया जा रहा था. साथ ही क्लिनिक में बिना लाइसेंस के ही दवा दुकान भी चलायी जा रही थी. डॉ प्रसाद धनवार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु रोग विशेषज्ञ हैं और बिना छुट्टी लिये राजधनवार मुख्यालय से गायब होकर गिरिडीह में निजी प्रैक्टिस कर रहे थे. छापेमारी के बाद एसडीओ जुल्फिकार अली ने उपायुक्त को रिपोर्ट सौंप दी है.
बरखास्तगी की कार्रवाई होगी : डीसी
गिरिडीह के डीसी उमाशंकर सिंह ने बताया कि छापेमारी के बाद कई चीजें स्पष्ट हो गयी हैं. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के समय डॉ गोविंद प्रसाद निजी प्रैक्टिस करते हुए पकड़े गये हैं. इसके अलावा क्लिनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन करते हुए वे अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे थे.
डीसी ने बताया कि इस मामले में डॉ गोविंद प्रसाद का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण किया जायेगा और संतोषजनक जवाब नहीं पाये जाने की स्थिति में उनके खिलाफ बरखास्तगी के लिए सरकार से अनुशंसा भी की जायेगी. डीसी ने चेतावनी दी है कि चिकित्सा में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस की छूट किसी भी स्थिति में नहीं दी जायेगी. कहा कि डय़ूटी में लापरवाही किसी भी सूरत में बरदाश्त नहीं की जायेगी.
बिना छुट्टी के गायब थे डॉक्टर : सिविल सजर्न
सिविल सजर्न डॉ एस सन्याल ने बताया कि ड्यूटी के समय डॉ गोविंद प्रसाद निजी प्रैक्टिस करते पकड़े गये हैं.कहा कि इस संबंध में उन्होंने धनवार के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से बातचीत भी की. बातचीत के क्रम में यह स्पष्ट हो गया कि बिना छुट्टी लिये वे प्रखंड मुख्यालय से गायब थे. डॉ सन्याल ने बताया कि डा. गोविंद प्रसाद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा जायेगा.
