दो शिक्षकों की वेतन वृद्धि पर रोक, दो को शो कॉज

गिरिडीह : शौचालय निर्माण के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को डीइओ व डीएसइ ने अलग-अलग आठ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया. डीइओ निर्मला कुमारी बरेलिया ने एक प्रभारी प्रधानाध्यापक का एक वेतन वृद्धि को स्थगित करने का आदेश दिया, वहीं डीएसइ महमूद आलम ने एक प्रभारी प्रधानाध्यापक का एक वेतन वृद्धि की कटौती का आदेश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 24, 2015 11:56 PM
गिरिडीह : शौचालय निर्माण के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को डीइओ व डीएसइ ने अलग-अलग आठ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया. डीइओ निर्मला कुमारी बरेलिया ने एक प्रभारी प्रधानाध्यापक का एक वेतन वृद्धि को स्थगित करने का आदेश दिया, वहीं डीएसइ महमूद आलम ने एक प्रभारी प्रधानाध्यापक का एक वेतन वृद्धि की कटौती का आदेश दिया और दो शिक्षकों को शॉ कोज पूछा है.
डीइओ सबसे पहले सदर प्रखंड स्थित मोहनपुर उमवि पहुंचीं. विद्यालय परिसर में सफाई का अभाव दिखा. उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापक को अविलंब दरी खरीदने का निर्देश दिया. इसके बाद डीइओ डांड़ीडीह-पहाड़ीडीह उमवि पहुंची. वहां शौचालय गंदा मिला. परिसर की साफ-सफाई भी नहीं की गयी थी. बच्चों ने समय पर एमडीएम नहीं मिलने की शिकायत की.
इसी को लेकर डीइओ ने प्रभारी प्रधानाध्यापक की एक वेतन वृद्धि को स्थगित करने का आदेश दिया. इसके बाद वह आरक्षी केंद्र मध्य विद्यालय पहुंची. इस दौरान विद्यालय में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा था. कहा कि आरक्षी केंद्र मवि में चहारदीवारी निर्माण की अनुशंसा वे अपने स्तर से करेगी. मौके पर बीइइओ अबुल बफा भी मौजूद थे.
डीएसइ ने चार स्कूलों को किया निरीक्षण : इधर डीएसइ महमूद आलम सबसे पहले सदर प्रखंड के तेलोडीह उर्दू मवि पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देखा कि शौचालय गंदा पड़ा है. कार्रवाई करते हुए एक पारा शिक्षक के मानदेय पर रोक लगाने का आदेश दिया. इसके बाद वे जीतपुर उमवि पहुंचे.
यहां भी शौचालय गंदा मिलने पर एक सरकारी शिक्षक के एक वेतन वृद्धि की कटौती करने का आदेश दिया. साथ ही धनैयडीह उमवि में विद्यालय परिसर की साफ -सफाई नहीं रहने पर शिक्षक सचिव को शो-कॉज पूछा है. हालांकि मदनपुर उमवि की व्यवस्था पर डीएसइ ने संतुष्टि जतायी.
पूर्व सचिव पर शौचालय ध्वस्त करने का आरोप
गावां : प्रखंड स्थित पसनौर पंचायत के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तिनतरवा में बन रहे शौचालय को ध्वस्त कर दिये जाने का मामला सामने आया है.
जानकारी के अनुसार उक्त विद्यालय का वर्तमान सचिव रवींद्रनाथ आजाद विभागीय आदेश के बाद शौचालय का निर्माण करवा रहे थे. श्री आजाद का कहना है कि शुक्रवार को विद्यालय के पूर्व सचिव अशोक सिंह व सान्याल सिंह ने विद्यालय पहुंचे और शौचालय की दीवार को ध्वस्त कर दिया.
वहीं इस संबंध में अशोक सिंह का कहनाहै कि शौचालय का निर्माण उनकी निजी जमीन पर बगैर अनुमति के निर्माण किया जा रहा है. विद्यालय के सचिव रवींद्रनाथ आजाद व अर्जुन तुरी ने कहा कि वर्ष 06-07 में विद्यालय भवन के लिए 5 लाख 85 हजार रुपये विभाग ने दिये थे. इस स्थान पर भवन का निर्माण पूर्व सचिव के द्वारा करवाया गया है. लेकिन भवन में सभी जगह प्लास्टर व रंग रोगन नहीं कराया गया. छत से पानी रिसता रहता है.
यहां न तो शौचालय बन पाया और न ही चापानल लगा है. श्री आजाद ने कहा कि 18 मई को सचिव पद पर नियुक्ति के बाद मैंने शौचालय आदि का काम करवाना शुरू किया है. पूर्व सचिव ने आकर निर्माण किये जा रहे शौचालय को ध्वस्त कर दिया. उक्त आशय की सूचना बीइइओ को दे दी गयी है. इधर बीइइओ छक्कू लाल मुमरू ने कहा कि वे पसनौर जाकर मामले की जांच करेंगे. दोषी पाये जाने पर पूर्व सचिव के विरुद्ध कार्रवाई होगी.