जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण
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– राकेश/रामकृष्ण –
गिरिडीह : धनवार के पास स्थित इरगा पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद वाहन संचालक वैकल्पिक मार्गों का सहारा ले रहे हैं. धनवार मुख्यालय आने–जाने के लिए दो मार्गो का सहारा है. एक खोरीमहुआ से घोड़थंबा–बरजो होते हुए और दूसरा धनवार पहाड़पुर–महथासार का मार्ग.
लेकिन इन दोनों ही मार्गो का सफर न सिर्फ परेशानी भरा है, बल्कि जान जोखिम भरा भी. हालांकि ईरगा पुल के क्षतिग्रस्त होने और आवागमन बंद कर दिये जाने के बाद काफी संख्या में लोग जान जोखिम में डालकर इस मार्ग पर चल रहे हैं. महथासार से बरजो मोड़ तक सात–आठ किमी की इस दूरी को तय करने में रोड में उभरे सैकड़ों गड्ढों के कारण पौन घंटे का समय लग जाता है.
यह भी गारंटी नहीं है कि यह सफर सुरक्षित तय हो पायेगा. आये दिन वाहनों के एक्सल व पत्ती इस मार्ग में टूट जाते हैं, जिस कारण घंटों यह मार्ग अवरुद्ध भी हो जाता है. बताते चलें कि ईरगा नदी पुल टूट जाने के बाद धनवार होकर सरिया, बगोदर तरफ जाने वाली तमाम छोटी–बड़ी गाड़ियां भाया पहाड़पुर इसी मार्ग से चल रही है. हालांकि उन्हें 17-18 किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है. लेकिन यह मार्ग उनकी यात्र का लाइफ लाइन बना हुआ है.
वहीं धनवार–पहाड़पुर मार्ग पर स्थित पहाड़पुर पुल की स्थिति भी पूरी तरह से जजर्र हो चुकी है. धनवार विधायक निजामुद्दीन अंसारी ने जिला प्रशासन से इस मार्ग के गड्ढों को तत्काल बोल्डर व मोरम से भरकर रोलर चलवाने की मांग की है. गिरिडीह की मुखिया रंजु देवी, चंद्रखो के छोटू राय, उमेश यादव, प्रेमलता देवी आदि ने भी बरजो मोड़ से इटोचांच मोड़ तक पथ मरम्मत की मांग की है.
पानी घटते ही शुरू होगा नये पुल का निर्माण : एसइ
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने कहा है कि पानी घटते ही नये पुल का निर्माण शुरू कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस पुल की जजर्र हालत के कारण ही नये पुल निर्माण को स्वीकृति मिली है. टेंडर भी हो चुका है. लेकिन नदी में पानी रहने के कारण इस पर काम शुरू नहीं हो सका. बारिश को देखते हुए निर्माण कार्य को टाला गया है. पानी घटते ही पुल पर निर्माण का कार्य शुरू कर देने का आदेश संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे दिया गया है.
उन्होंने बताया कि इस पुल के निर्माण के लिए सृष्टि कंस्ट्रक्शन के साथ करार किया गया है. फिलहाल डायवर्सन बनाने के निर्देश भी दे दिये गये हैं. अधीक्षण अभियंता ने कहा कि डायवर्सन बनाने का कार्य पूरा करने में भी दो माह का वक्त लगेगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल डायवर्सन बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.
नदी में उतर कर सफर की विवशता : ईरगा पुल की जजर्र हालत को देखते हुए वाहनों के साथ–साथ पैदल चलने पर भी रोक लगा दी गयी है. बताया जा रहा है कि यह पुल कभी भी पूरी तरह से बैठ सकता है. इस स्थिति को देखते हुए जरूरतमंद लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
कई लोग नदी में उतर कर सफर कर रहे हैं. नदी में पानी रहने के बाद भी लोग अपने जान जोखिम में डाल कर सफर कर रहे हैं. महिलाएं व व्यापारी वर्ग के लोग प्रतिदिन ऐसा रिस्क ले रहे हैं. स्कूल व कॉलेज आने–जाने वाले छात्र भी इस नदी में उतर कर सफर करने को विवश हैं.