गांडेय : भगवान श्री राम ने अपने चरित्र के बल पर चारों लोकों में विजय प्राप्त की. हमें भी जीवन के मूल्य को समझने व विजय प्राप्त करने के लिए चरित्रवान बनने की आवश्यकता है. महायज्ञ इंसान को चरित्रवान बनने में मदद करता है. ये उदगार जबलपुर (मध्य प्रदेश) की साध्वी शिरोमणि दूबे के हैं.
वे रविवार की रात अंधरकोला में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के छठे दिन प्रवचन कर रही थीं. कहा : भगवान श्रीराम को लंका पर विजय मिली क्योंकि वह चरित्रवान थे और रावण के पास चरित्र नहीं था. उन्होंने भक्तों से भगवान श्रीराम की तरह चरित्रवान बनने व उनके बताये मार्ग पर चलने का आह्वान किया. मौके पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष मुन्ना मंडल, महेश्वरी सिंह, नागेश्वर सिंह, सहदेव राणा, मनोज मंडल, अजीत सिंह समेत कई मौजूद थे.
नवाह परायण सह हनुमान प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ शुरू : नवडीहा. नवडीहा ओपी क्षेत्र के पंचायत मलुआटांड़ के विशुनपुर में नवाह परायण सह हनुमान प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ आयोजित किया गया. इस दौरान वृंदावन से आये कथा वाचकों ने श्रीराम कथा व हनुमान जी की कथाओं का वर्णन किया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में रीझो महतो, अर्जुन राय, प्रदीप यादव, संतोष यादव, बिनोद राय, सुरेन्द्र राणा, राकेश यादव समेत कई मौजूद थे.
