परंपरा. मरांग बुरु बोंगा समिति ने किया परंपरागत भव्य आयोजन
मरांग बुरु बोंगा समिति के नेतृत्व में सोमवार को पारसनाथ में धूमधाम के साथ बाहा पर्व मनाया गया. मरांग बुरु पारसनाथ की तलहटी में बसे दिशोम मांझी थान एवं जुग जाहेर थान में पूजा-अर्चना की गयी. मरांग बुरू पारसनाथ स्थित दिशोम मांझी थान में मनाया जानेवाला बाहा पर्व इस बार राजकीय तर्ज पर आयोजित किया गया है. पर्व को लेकर इस बार पर्यटन विभाग की ओर से 12,33,000/- का आवंटन भी दिया गया है.कई राज्यों से जुटे समुदाय के लोग
आदिवासी समाज मरांग बुरु पारसनाथ स्थित दिशोम मांझी थान में भव्य तरीके से बाहा पर्व मना रहा है. यहां प्रतिवर्ष पर्व के मौके पर झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावे विभिन्न राज्यों से भी आदिवासी आते हैं. रविवार की देर रात ही आदिवासी समुदाय के काफी संख्या में लोग मांझी थान से जुग जाहेर थान के लिए निकल गए. जुग जाहेर थान में सोमवार सुबह पूजा अर्चना के बाद सभी वापस मांझी थान लौटे. सोमवार को दिशोम मांझी थान में आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना की गयी. इस दौरान लोगों ने मांझी थान में जाकर आशीर्वाद लिया. नायके बाबा से भी लोगों ने आशीर्वाद लिया. बाद में मांझी थान से जुलूस की शक्ल में लोगों ने मधुबन बाज़ार का भ्रमण किया.
स्वास्थ्य जांच शिविर
मौके पर पारसनाथ पहाड़ की तलहटी पर स्थित मांझीथान में आदिवासी समुदाय की ओर से करीब 35 स्टॉल भी लगाये गये थे. स्टृलों में पारंपरिक परिधान सहित अन्य सामग्री मिल रही थी. संथाल डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मांझी थान के पास मेडिकल कैंप भी लगाया था. लोगों को मुफ्त में दवाइयां दी गयीं.मांदर की थाप पर मांझी थान पहुंचे लोग : बाहा पर्व के अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावे दूसरे राज्यों से भी आदिवासी समुदाय के लोग पारसनाथ आये. इस दौरान अलग-अलग आदिवासी समूह में पहुंचे लोग पारंपरिक परिधान एवं मांदर की थाप, नगाड़े एवं गीत-संगीत के साथ मांझी थान पहुंचे.
सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सोमवार को जुग जाहेर थान में पूजा-अर्चना के बाद आदिवासी श्रद्धालुओं ने दिशोम मांझी थान में पूजाकी. इसके बाद जुलूस की शक्ल में मधुबन बाजार का भ्रमण किया. बाद में श्रद्धालुओं की भीड़ धर्मसभा में तब्दील हो गयी. यहां पूरी रात सांस्कृतिक कार्यक्रम चलता रहा.एलआरडीसी व एसडीपीओ थे मुस्तैद : विधि-व्यवस्था को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से लोग तैनात थे. डीसी एवं एसपी के निर्देश पर एलआरडीसी जीतराय मुर्मू, एसडीपीओ सुमित प्रसाद, बीडीओ मनोज मरांडी, सीओ गिरिजानंद किस्कू सहित अन्य लोग सक्रिय रहे.पार्किंग एवं वन वे सिस्टम :
भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए वन वे सिस्टम लागू किया गया. अलग-अलग जगहों पर चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गयी थी.इनकी रही सक्रिय भागीदारी :
बाहा पर्व में फागू बेसरा, नुनूलाल मरांडी आदि शामिल हुए. कार्यक्रम को सफल बनाने में मरांग बुरू बोंगा बुरू समिति के रामलाल मुर्मू, सिकंदर हेंब्रम, महावीर मुर्मू, बुधन हेंब्रम, बाबूराम, अर्जुन हेंब्रम, दिलीप मुर्मू, सुशांत सहित अन्य सभी लोगों का सराहनीय योगदान रहा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

