महिला की चोटी कटी, क्षेत्र में दहशत

आतंक. मेहरमा प्रखंड के बलबड्डा थाना के मोदरा गांव की घटना... आधा घंटे तक महिला रही बेहोश बहियार से लौट कर घर के देहरी पर आराम कर रही थी महिला हल्की नींद की हालत में उसके सिर से भौंरा टकराया बाद में महिला ने अपनी चोटी कटी हुई पायी मेहरमा : पूरे देश में चोटी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 11, 2017 4:08 AM

आतंक. मेहरमा प्रखंड के बलबड्डा थाना के मोदरा गांव की घटना

आधा घंटे तक महिला रही बेहोश
बहियार से लौट कर घर के देहरी पर आराम कर रही थी महिला
हल्की नींद की हालत में उसके सिर से भौंरा टकराया
बाद में महिला ने अपनी चोटी कटी हुई पायी
मेहरमा : पूरे देश में चोटी कटने की घटना को लेकर दहशत के बाद गोड्डा में भी चोटी कटने के कारण दहशत का माहौल बना हुआ है. जिले के मेहरमा प्रखंड के बलबड्डा थानांतर्गत मोदरा गांव की 20 वर्षीय सजिदा खातून के दोपहर को चोटी कट जाने के बाद बेहोश हो जाने की घटना से आसपास के गांव में दहशत का माहौल है. महिला के चोटी कट जाने एवं बेहोश होने की घटना की पुष्टि थाना प्रभारी देव कुमार होरो ने की है. वहीं उप प्रमुख सुधीर सिंह ने बताया कि घटना सत्य है और इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
क्षेत्र में हो रही तरह-तरह की बातें : घटना का कारण चाहे किसी कीड़ा का हो या फिर अंधविश्वास से जुड़ी बातें हो मगर सजिदा खातून के चोटी कट जाने के बाद से क्षेत्र के लोग इस बात को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि गोड्डा में हुई इस घटना के कारण दूर दराज के महिलाओं व लोगों में भय और दहशत व्याप्त है. मामले को लेकर लोग पुलिस से संपर्क कर इसके निदान की बातें कर रहे हैं.
दूर-दराज के ग्रामीणों में भी भय
क्या है पूरा मामला
दोपहर करीब एक बजे बहियार से सजिदा खातून धानरोपनी के दौरान भूख लगने पर खाना खाने घर आयी. महिला सजिदा खातून घर के बरामदे पर अपनी थकान मिटाने कुछ देर बैठ गयी. इस बीच अचानक उसकी आंख लग गयी. तभी किसी कीड़े की आवाज सुनायी दी. जो तेज गति से उसके सिर से आकर टकराया. उसके बाद जैसे ही महिला ने अपने सिर पर हाथ लगाया तो चोटी कटा हुआ पाया. जिसके बाद वह बेहोश हो गयी. परिवार तथा आसपास के लोग जुटे और उसे होश में लाने का प्रयास किया गया. करीब आधे घंटे के बाद महिला को होश आया.
प्रभारी सीएस ने कहा
संभव है कि भौरे या किसी अन्य कीड़े के काटने से थोड़ा नशा जरूर आता है, मगर चोटी का कट जाना समझ से परे है.
– वनदेवी झा, प्रभारी सीएस