उत्पादन प्रभावित, कर्मियों व सीआइएसएफ के बीच झड़प
गोड्डा : राजमहल कोल परियोजना में कार्यरत संयुक्त ट्रेड यूनियन कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही. मजदूरों की हड़ताल पर रहने से कोयले का उत्पादन प्रभावित हुआ.... मजदूरों का प्रदर्शन जारी बताया जाता है कि मजदूर यूनियन के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकाली. रैली में शामिल लोग जीरो प्वाइंट की […]
गोड्डा : राजमहल कोल परियोजना में कार्यरत संयुक्त ट्रेड यूनियन कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही. मजदूरों की हड़ताल पर रहने से कोयले का उत्पादन प्रभावित हुआ.
मजदूरों का प्रदर्शन जारी
बताया जाता है कि मजदूर यूनियन के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकाली. रैली में शामिल लोग जीरो प्वाइंट की ओर बढ़ रहे थे, तभी सीआइएसएफ के जवानों ने रैली को रोकने का प्रयास किया.
इस क्रम में सीआइएसएफ के जवानों व मजदूरों के बीच झड़प हो गयी. झड़प में इंद्रदेव कोतवाल व सत्यानारायण चोटिल हो गये. इस संबंध में इंटक के अध्यक्ष रामजी साह ने बताया कि हमलोग रैली लेकर आगे बढ़ रहे थे तभी वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर सीआइएसएफ के जवानों में लाठी भांजनी शुरू कर दी. इसमें दो लोग घायल हुए हैं.
11 हजार टन कोयले के उत्पादन का दावा
वहीं मुख्य महाप्रबंधक अखिलेश पांडेय ने बताया कि विकट स्थिति को देखते हुए परियोजना द्वारा प्राइवेट कंपनी के सहयोग से उत्पादन कराया गया. बुधवार को करीब 11 हजार टन कोयले का उत्पादन हुआ. जिसे एनटीपीसी कहलगांव व एनटीपीसी फरक्का की आपूर्ति की गयी.
कोल इंडिया में हड़ताल का दूसरा दिन
‘‘ सीआइएसफ के जवानों द्वारा किसी प्रकार का बल का प्रयोग नहीं किया गया है. – बबुआ झा, असिस्टेंट
कमांडेंट,सीआइएसएफ
चल रही है वार्ता
दिल्ली में दूसरे दिन भी मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों की कोयला मंत्री पीयूष गोयल के साथ वार्ता हुई. वार्ता का दौर जारी है. इंटक के महासचिव एस क्यू जमा ने कहा कि इस हड़ताल में सभी श्रमिक संगठन एकजुट हैं. सभी यूनियन ने 10 जनवरी तक हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है. हड़ताल में सभी पांच प्रमुख मजदूर संगठन बीएमएस, इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस हिस्सा ले रहे हैं. देश के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया लिमिटेड का योगदान 80 प्रतिशत से अधिक है.
