सुषनी के छेदना मड़ैया व पोड़ैयाहाट के ठेमका की मौत से विभाग की खुली पोल

गोड्डा : सुंदरपहाड़ी के सुषनी गांव के छेदना मड़ैया की मौत वर्ष 2008 में हुई थी. हालांकि छेदना मड़ैया 42 वर्ष का था. करीब 45 दिनों से बगैर भोजन के रहने के कारण कुपोषित होकर अंतिम सांस गिन रहा था. छेदना की रिपोर्ट प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने आनन-फानन में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 26, 2015 8:33 AM
गोड्डा : सुंदरपहाड़ी के सुषनी गांव के छेदना मड़ैया की मौत वर्ष 2008 में हुई थी. हालांकि छेदना मड़ैया 42 वर्ष का था. करीब 45 दिनों से बगैर भोजन के रहने के कारण कुपोषित होकर अंतिम सांस गिन रहा था.
छेदना की रिपोर्ट प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने आनन-फानन में रात के वक्त सुशनी से छेदना को लाकर सदर अस्पताल में भरती कराया था. लेकिन स्थिति पूरी तरह से बिगड़ जाने की वजह से स्वास्थ्य विभाग उसे बचा पाने में असफल रहा था. आठ वर्ष बीत जाने के बाद कुपोषण का दूसरा मामला ठेमका के रूप में आया था.